प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार की विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल, ईरान और सुरक्षा पर चिंता जताई

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प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार की विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल, ईरान और सुरक्षा पर चिंता जताई

सारांश

प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए सरकार की चुप्पी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने ईरान और पश्चिमी एशिया में हालिया घटनाओं के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मुख्य बातें

प्रियंका चतुर्वेदी ने ईरान पर हुए हमलों पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया।
उन्होंने पेट्रोल की कीमतों में कमी को चुनावी राजनीति से जोड़ा।
घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह की भूमिका पर संदेह जताया।
जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना-यूबीटी की प्रमुख प्रियंका चतुर्वेदी ने पश्चिम एशिया में हालिया संघर्षों पर भारत की विदेश नीति के प्रति अपनी चिंताएँ व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि हम ईरान पर हुए हमलों के प्रति मौन बने रहे। सरकार ने पश्चिमी एशिया में हुई घटनाओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान को गलत ठहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की टिप्पणियाँ खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं। शिवसेना-यूबीटी की नेता ने यह कहा, "हमारी विदेश नीति जिस तरह चल रही है, उसके अनुसार हम ईरान पर हुए हमलों पर चुप्पी साधे रहे हैं। युद्ध से दो दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल का दौरा किया था। भारत ने पश्चिमी एशिया में हुई घटनाओं पर कुछ नहीं कहा।"

भारत में मौजूद समस्याओं पर बात करते हुए उन्होंने पूछा, "क्या यह सही नहीं है कि लोग सिलेंडर के लिए रास्तों पर खड़े हैं? क्या यह सच नहीं है कि चुनावों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल की कीमतों में कमी के लिए एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है? क्या यह सच नहीं है कि एलपीजी गैस के दाम बढ़ाए गए हैं? क्या यह भी सच नहीं है कि जो एयरलाइंस चल रही थीं, उनकी फ्लाइट्स काफी कम हो चुकी हैं, जिससे विदेश में रहने वाले भारतीय लौट नहीं पा रहे हैं?"

घुसपैठियों को वापस भेजने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर उन्होंने कहा, "घुसपैठ को रोकने और घुसपैठियों को बाहर करने की जिम्मेदारी गृह मंत्री की होती है। वे सीमा सुरक्षा के मामले में सबसे विफल गृह मंत्री हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "2014 से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। अगर आप बांग्लादेशियों को वापस भेजे जाने के आंकड़ों को देखेंगे तो यूपीए के कार्यकाल में ये आंकड़े कहीं अधिक थे। जनता को इन आंकड़ों पर ध्यान देना चाहिए। सच्चाई यह है कि घुसपैठियों के नाम पर भाजपा राजनीतिक लाभ उठाती है। उन्हें लगता है कि वे इस मुद्दे की मदद से ध्रुवीकरण कर सकते हैं और इसे हमेशा ज्वलंत बनाए रख सकते हैं।"

जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "जेवर एयरपोर्ट का काम काफी समय से चल रहा था और इसका उद्घाटन हुआ है, जिसका मैं स्वागत करती हूं, लेकिन सवाल यह उठता है कि यह केवल चुनावों के समय क्यों किया गया। उत्तर प्रदेश में 7-8 एयरपोर्ट उद्घाटन के बाद से लगभग बंद हैं। यह दर्शाता है कि सरकार योजनाओं का उद्घाटन चुनावों को ध्यान में रखते हुए करती है।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका चतुर्वेदी ने किस मुद्दे पर सरकार पर हमला किया?
प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत की विदेश नीति और ईरान पर हुए हमलों के प्रति सरकार की चुप्पी पर हमला किया।
क्या प्रियंका चतुर्वेदी ने पेट्रोल की कीमतों पर सवाल उठाया?
हाँ, उन्होंने पेट्रोल की कीमतों को कम करने के लिए एक्साइज ड्यूटी घटाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए।
क्या प्रियंका चतुर्वेदी ने घुसपैठियों के मुद्दे पर भी टिप्पणी की?
जी हाँ, उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर टिप्पणी करते हुए घुसपैठियों को रोकने की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए।
राष्ट्र प्रेस
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