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क्या हिंदी भाषा सभी को जोड़ती है? : कविंदर गुप्ता

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क्या हिंदी भाषा सभी को जोड़ती है? : कविंदर गुप्ता

सारांश

क्या हिंदी वास्तव में सभी लोगों को जोड़ती है? जानें कविंदर गुप्ता के विचार, जिसमें उन्होंने भारतीय भाषाओं के सम्मान और हिंदी की गरिमा को बनाए रखने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि हिंदी ने पूरे देश को एकजुट किया है।

मुख्य बातें

हिंदी भाषा ने सभी भारतीय भाषाओं को जोड़ने का कार्य किया है।
हमें हिंदी का सम्मान करना चाहिए।
किसी भी भाषा का अपमान करना गलत है।
भाषाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं।
महिलाओं के प्रति सम्मान आवश्यक है।

श्रीनगर, 8 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता कविंदर गुप्ता ने मंगलवार को हिंदी और मराठी भाषा को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान एक ऐसा राष्ट्र है जहाँ अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं। हर किसी को अपनी-अपनी क्षेत्रीय भाषाओं से गहरा प्रेम है, जो स्वाभाविक है। लेकिन, इन सभी भाषाओं को एक साथ बांधने वाली भाषा हिंदी है।

उन्होंने राष्ट्रीय प्रेस से बातचीत में कहा कि हिंदी ने देश की अन्य सभी भाषाओं को एक साथ जोड़ने का कार्य किया है, ताकि कोई भी भाषा एक-दूसरे से अलग न हो। हमें सभी को चाहिए कि हम हिंदी का सम्मान करें और सुनिश्चित करें कि हिंदी की गरिमा कम न हो। अगर हिंदी की गरिमा घटेगी, तो इसके लिए हम ही जिम्मेदार होंगे। हमें मिलकर इस गरिमा को बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि एक नागरिक के नाते यह हमारा कर्तव्य है कि सभी भाषाओं का सम्मान करें। किसी भी भाषा को हेय दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। हिंदी ने पूरे देश को एक साथ जुड़ा रखा है। किसी भी भाषा को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना उचित नहीं है, क्योंकि भाषा हमें आपस में जोड़ने का कार्य करती है।

इसके अतिरिक्त, कविंदर गुप्ता ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर की गई अपमानजनक टिप्पणी पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खड़गे को अपनी भाषा में संयम रखना चाहिए और महिलाओं के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाती है। हिंदी ने भारतीय समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और इसे सभी भाषाओं के प्रति सम्मान के साथ देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
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राष्ट्र प्रेस
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