क्या ऑपरेशन सिंदूर से विपक्ष का असली चेहरा सामने आया? अर्जुन राम मेघवाल का आरोप

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क्या ऑपरेशन सिंदूर से विपक्ष का असली चेहरा सामने आया? अर्जुन राम मेघवाल का आरोप

सारांश

क्या विपक्ष का असली चेहरा ऑपरेशन सिंदूर से उजागर हुआ? केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए इस मुद्दे की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा ने विपक्ष की रणनीति को प्रभावित किया।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाए।
नागरिकों के लिए चुनाव आयोग का महत्व।
130वें संविधान संशोधन का प्रगतिशील दृष्टिकोण।
एक राष्ट्र, एक चुनाव से जीडीपी में संभावित वृद्धि।

नई दिल्ली, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बिहार एसआईआर मामले में जानबूझकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर के मामले में एक्सपोज़ हो चुका है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग अपना कार्य कुशलता से कर रहा है और संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने संसद के मानसून सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 जुलाई को सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने मांग की थी कि मानसून सत्र में पहली चर्चा ऑपरेशन सिंदूर पर हो। उस बैठक में राहुल गांधी और उनकी पार्टी के सदस्य भी उपस्थित थे। हमने उनकी मांग को स्वीकार किया और 16 घंटे लंबी बहस भी की।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर बहस ने विपक्ष की पोल खोल दी है, इसलिए उन्होंने रणनीति बदली और एसआईआर का मुद्दा उठाया, जो कि उनकी योजना का हिस्सा नहीं था। एसआईआर का मुद्दा इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि वे ऑपरेशन सिंदूर पर असफल हो चुके हैं। जनता ने विपक्ष का असली चेहरा देख लिया है।

130वें संविधान संशोधन में कांग्रेस को किस बात का डर है? क्या उन्हें अपने मुख्यमंत्रियों की गिरफ्तारी की चिंता है? इस पर अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कानून है। यदि कोई मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री किसी जांच एजेंसी द्वारा दोषी ठहराए जाते हैं और अदालत उन्हें बिना जमानत के पांच साल या उससे अधिक की सजा सुनाती है, तो उस व्यक्ति के लिए शासन करना असंभव होगा।

उन्होंने तर्क दिया कि विपक्ष को इसे एक प्रगतिशील कानून मानना चाहिए और इसका समर्थन करना चाहिए।

राहुल गांधी से संबंधित सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर कांग्रेस नेताओं के बयान पर उन्होंने कहा, "हम और जनता सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास करते हैं; जिन्होंने टिप्पणी की है, उन्होंने अलग तरीके से टिप्पणी की है। यदि आप इससे सहमत नहीं हैं, तो अपील करें। आप सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करने वाले कौन होते हैं? मैं उनसे यही पूछना चाहता हूं।"

'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर उन्होंने कहा कि यह भी एक चुनावी सुधार है। एक साथ चुनाव कराने से अनुमानित जीडीपी वृद्धि 1.5 प्रतिशत तक हो सकती है। बार-बार चुनावों में लगने वाले आचार संहिता से विकास कार्य प्रभावित होते हैं। एक साथ चुनाव देशहित में हैं, इसी लिए सरकार इस विषय पर बिल लेकर आई है। एक राष्ट्र, एक चुनाव को लेकर देश की जनता भी समर्थन दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा ने विपक्ष को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया है। देश की जनता को सही जानकारी मिलनी चाहिए ताकि वे सही निर्णय ले सकें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक राजनीतिक चर्चा है जिसमें विभिन्न दलों की रणनीतियों और आरोपों का विश्लेषण किया जा रहा है।
अर्जुन राम मेघवाल का क्या कहना है?
उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है और ऑपरेशन सिंदूर पर बहस को महत्वपूर्ण बताया है।
क्या चुनाव आयोग पर सवाल उठाना सही है?
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, चुनाव आयोग का कार्य महत्वपूर्ण है और उस पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
130वें संविधान संशोधन का महत्व क्या है?
यह एक प्रगतिशील कानून है जो राजनीतिक नेताओं के कार्यों के प्रति जिम्मेदारी तय करता है।
एक राष्ट्र, एक चुनाव का क्या लाभ है?
एक साथ चुनाव कराने से विकास कार्यों में बाधा कम होगी और संभावित जीडीपी वृद्धि में सुधार होगा।
राष्ट्र प्रेस