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क्या संविधान लागू होने पर <b>रामभद्राचार्य</b> जेल में होंगे?

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क्या संविधान लागू होने पर <b>रामभद्राचार्य</b> जेल में होंगे?

सारांश

जगद्गुरु रामभद्राचार्य की जातिगत व्यवस्था को खत्म करने की वकालत पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ा विरोध जताया। उदित राज ने कहा कि यदि संविधान पूरी तरह लागू हो जाए, तो रामभद्राचार्य को जेल जाना पड़ेगा। जानें इस पर क्या कहा कांग्रेस के अन्य नेताओं ने।

मुख्य बातें

रामभद्राचार्य ने जातिगत व्यवस्था खत्म करने की मांग की है।
कांग्रेस के नेता उदित राज ने संविधान लागू होने पर जेल जाने की बात कही।
बातचीत में अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी अपनी राय रखी।

नई दिल्ली, २५ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भारत में 'जातिगत व्यवस्था' को समाप्त करने की मांग की है, जिसके चलते कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उदित राज का कहना है कि अगर आज संविधान पूरी तरह से लागू हो जाए, तो रामभद्राचार्य जेल में होंगे।

कांग्रेस नेता उदित राज ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "संविधान ही रामभद्राचार्य का सही इलाज है। यदि आज संविधान को सही तरीके से लागू किया गया, तो रामभद्राचार्य जेल में होंगे।"

इस पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि रामभद्राचार्य को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपने विचार रखने चाहिए। उन्होंने कहा, "आप दो-तिहाई बहुमत से जीतकर संसद में आएं और सरकार बनाकर कानून में बदलाव करें। क्या आपको लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी आपकी बात सुनेंगे, क्योंकि आप उनके समूह का हिस्सा हैं?"

कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने भी रामभद्राचार्य की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मैं शंकराचार्य से अनुरोध करूंगा कि वे दलित, एससी और एसटी को शंकराचार्य में शामिल करें और फिर आरक्षण समाप्त करें।" पप्पू यादव ने यह भी कहा कि ऐसे व्यक्तियों (जैसे रामभद्राचार्य) का इलाज अंबेडकरवादी विचारों से होगा।"

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "रामभद्राचार्य जैसे लोगों के ऐसे बयान निंदनीय हैं। धार्मिक व्यक्तियों को राजनीति में दखल नहीं देना चाहिए। जो लोग भारत की सनातन संस्कृति को खत्म करने पर तुले हुए हैं, हमें उन पर प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं लगती।"

यह उल्लेखनीय है कि रामभद्राचार्य ने मंगलवार को एससी-एसटी एक्ट को रद्द करने की बात की थी, क्योंकि उनके अनुसार वेदों में अवर्ण या सवर्ण का उल्लेख नहीं है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा, "एससी-एसटी एक्ट को रद्द होना चाहिए। वेदों में अवर्ण या सवर्ण का उल्लेख नहीं है। यह व्यवस्था राजनीतिक नेताओं द्वारा शुरू की गई है।" उन्होंने यह भी कहा कि जाति के आधार पर कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा दृष्टिकोण है कि रामभद्राचार्य के बयान और कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया दोनों ही इस समय देश की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति को दर्शाते हैं। संविधान की पूर्णता और जातिगत व्यवस्था का अंत एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिस पर सभी को गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह मामला समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद को बढ़ावा देने का अवसर भी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रामभद्राचार्य का बयान विवादास्पद है?
हाँ, रामभद्राचार्य का बयान जातिगत व्यवस्था को खत्म करने की मांग को लेकर विवादास्पद है।
कांग्रेस नेता उदित राज का क्या कहना है?
उदित राज के अनुसार, यदि संविधान लागू हो जाए, तो रामभद्राचार्य जेल में होंगे।
क्या रामभद्राचार्य को जेल जाना पड़ेगा?
यह स्थिति संविधान के पूर्ण कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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