क्या शहबाज बदेशा 'बिग बॉस 19' में एंट्री से चूक गए? सिद्धार्थ शुक्ला का किया जिक्र
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड और टीवी की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री शहनाज गिल लोगों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हैं। उनकी सादगी, हंसी और दिल को छूने वाली बातों के कारण वे फैंस के दिलों पर राज करती हैं। उनकी प्रसिद्धि का प्रमुख कारण टीवी का मशहूर रियलिटी शो 'बिग बॉस' का 13वां सीजन है। इस सीजन में उनकी दोस्ती और बॉन्डिंग दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला के साथ दर्शकों को बहुत पसंद आई। दोनों की जोड़ी को फैंस ने दिल खोलकर प्यार दिया। इस सीजन की प्रसिद्धि इतनी अधिक रही कि लोग अब भी 'बिग बॉस 13' को एक यादगार सीजन मानते हैं।
शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए अपने दिल की कुछ बातें साझा कीं। वह भी 'बिग बॉस 19' का हिस्सा बनना चाहते थे, लेकिन वोट्स की कमी के कारण ऐसा नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि वे अपनी बातों, मजाक और अंदाज से लोगों को अच्छे से एंटरटेन कर पाएंगे।
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने 'बिग बॉस 19' क्यों चुना, तो शहबाज ने बताया कि वे बचपन से ही इस शो के बड़े फैन रहे हैं। पिछले 7 साल से उन्हें इस बात की इच्छा थी कि वे 'बिग बॉस' में हिस्सा लें। उनका मानना है कि अगर वे इस शो में जाते हैं, तो वे अपनी जिंदगी को और बेहतर बना सकते हैं।
उन्होंने बताया कि वह इस मौके के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे और उनके लिए यह सपना था जो पूरा होना चाहिए।
'बिग बॉस 13' के बारे में बात करते हुए शहबाज ने कहा कि यह सीजन बहुत खास था क्योंकि उसमें हर कंटेस्टेंट असली था। वे अपने असली रूप में सामने आए थे और कोई दिखावा नहीं किया था। यही कारण था कि यह सीजन इतना सफल हुआ। दर्शकों ने इसे इतना प्यार दिया क्योंकि उन्होंने उसमें सच्चाई देखी और हर कंटेस्टेंट ने दिल से गेम खेला।
शहबाज ने आगे बताया कि जब वह वोट की कमी के कारण 'बिग बॉस 19' का हिस्सा नहीं बन पाए, तब उनकी बहन शहनाज ने उन्हें बहुत अच्छी सलाह दी थी। शहनाज ने कहा कि हमेशा अच्छा काम करो और जो भी हो, अपने असली स्वभाव को मत छोड़ो। इस सलाह ने उनकी हिम्मत को बढ़ाया और उन्हें शांत रखा, साथ ही हार नहीं मानने की ताकत भी दी।
शहबाज़ ने दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला के बारे में भी अपनी भावनाएं साझा कीं। सिद्धार्थ शुक्ला, जो 'बिग बॉस 13' के विजेता थे, शहबाज और शहनाज दोनों के लिए बहुत खास थे।
शहबाज ने कहा कि अगर सिद्धार्थ आज हमारे साथ होते, तो वे उन्हें शुभकामनाएं देते और कहते कि हिम्मत रखो, आगे बढ़ो.