क्या शरद मल्होत्रा वापस कोलकाता जाना चाहते थे? अंतरात्मा की आवाज ने बदल दी उनकी जिंदगी
सारांश
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मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पर्दे की चमक ऐसी होती है कि हर कोई बड़े पर्दे पर चमकने की ख्वाहिश रखता है, लेकिन किस्मत कब क्या मोड़ ले आए, यह कहना मुश्किल है।
टीवी पर अपनी किस्मत आजमाने आए शरद मल्होत्रा ने कई हिट सीरियल्स और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में काम किया। एक समय ऐसा आया जब वे अपना सामान बांधकर वापस कोलकाता जाने वाले थे, लेकिन एक आंतरिक आवाज ने उनके कदम रोक दिए।
9 जनवरी
शरद को अपने टैलेंट को प्रदर्शित करने का पहला मौका 2004 में 'इंडियाज बेस्ट सिनेस्टार्स की खोज' में मिला, जिसके बाद उन्होंने 'बनू मैं तेरी दुल्हन' में सागर प्रताप सिंह का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाई। उन्होंने 'भारत का वीर पुत्र - महाराणा प्रताप', 'एक तेरे साथ' और 'कसम तेरे प्यार की' जैसे शो में भी काम किया।
हालांकि, एक समय आया जब वे अंदर से टूट गए और वापस कोलकाता जाने का निर्णय लिया। अभिनेता के लिए कुछ वर्षों तक ऐसा समय था जब उनकी जिंदगी में कुछ भी सही नहीं चल रहा था। उन्होंने खुद कहा कि वे शाहरुख खान की तरह नाम कमाना चाहते थे, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि किंग खान बनने में 25 साल लगते हैं।
उन्होंने बताया कि उस समय वे बहुत निराश थे और सब कुछ छोड़कर वापस जाने का विचार कर रहे थे। लेकिन एक आवाज ने उन्हें यह याद दिलाया कि अब तक जो भी मिला है, उसका सम्मान करना चाहिए।
अभिनेता का मानना है कि हर असफलता कुछ सिखाती है और धैर्य सबसे बड़ी ताकत होती है। उनका धैर्य और हिम्मत ही उन्हें टीवी इंडस्ट्री को छोड़ने से रोक पाई।
शरद पिछले 20 वर्षों से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और उन्हें हाल ही में विक्रम भट्ट की माइक्रो-सीरिज 'गलत' में देखा गया।