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क्या यूपी की फैमिली आईडी व्यवस्था फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाएगी?

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क्या यूपी की फैमिली आईडी व्यवस्था फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाएगी?

सारांश

क्या उत्तर प्रदेश की नई फैमिली आईडी व्यवस्था फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाएगी? जानें कैसे सरकार ने 98 योजनाओं को जोड़कर पारदर्शिता बढ़ाई है और नागरिकों को लाभ पहुँचाने का कार्य कर रही है।

मुख्य बातें

फैमिली आईडी का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है।
15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है।
98 योजनाओं को फैमिली आईडी से जोड़ा गया है।
फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाई जा सकेगी।
फैमिली आईडी कार्ड पूरी तरह निःशुल्क है।

लखनऊ, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा फैमिली आईडी कार्ड के जरिए डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभार्थियों को जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इससे प्रणाली न केवल और भी पारदर्शी हो गई है, बल्कि फर्जी लाभार्थियों पर भी रोक लगाई जा सकेगी।

प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की कुल 98 जनकल्याणकारी योजनाओं को फैमिली आईडी से जोड़ा गया है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के 15 करोड़ 7 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिल रहा है। फैमिली आईडी पोर्टल पर 44 लाख नागरिकों ने आवेदन किया है। शहरी क्षेत्र में लेखपाल और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत अधिकारी के माध्यम से इसे बनाया जा रहा है। इस फैमिली आईडी प्रणाली के तहत एक ही पहचान संख्या से पूरे परिवार का विवरण उपलब्ध रहता है, जिससे योजनाओं का लाभ पारदर्शी और त्वरित तरीके से पात्र परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। फैमिली आईडी कार्ड 12 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर होता है, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी दर्ज होती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप, इस व्यवस्था का उद्देश्य “एक परिवार-एक पहचान” के सिद्धांत को लागू करना है, ताकि पात्रता के आधार पर योजनाओं का स्वतः चयन हो सके और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या दोहराव से बचा जा सके। फैमिली आईडी कार्ड लागू होने से नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित अन्य प्रमाण पत्रों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। एक बार फैमिली आईडी पंजीकरण होने के बाद, विभिन्न योजनाओं के लिए आवश्यक जानकारियां इसी डेटाबेस से स्वतः उपलब्ध हो जाती हैं। इससे समय, धन, और श्रम—तीनों की बचत हो रही है।

योगी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जो परिवार किसी कारणवश राशन कार्ड से वंचित हैं, वे भी फैमिली आईडी के माध्यम से सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें। इसके लिए विशेष पंजीकरण व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से बाहर न रहे। फैमिली आईडी के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार नंबर होना अनिवार्य है। साथ ही आधार का मोबाइल नंबर से लिंक होना भी जरूरी है, ताकि ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जा सके।

यदि किसी लाभार्थी का मोबाइल नंबर बदल गया है, तो उसे आधार से नया और सही नंबर लिंक कराना आवश्यक होगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर गरीब, श्रमिक, किसान, महिला, बुजुर्ग और दिव्यांग को उसका हक समय पर मिले। फैमिली आईडी के माध्यम से सरकार की योजनाएं अब सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रही हैं, जिससे सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिली है।

फैमिली आईडी प्रणाली के तहत नागरिक आधार आधारित लॉगिन और ई-केवाईसी के माध्यम से स्व-पंजीकरण कर सकते हैं, जिसमें यूआईडीएआई से परिवार के सदस्यों का विवरण स्वतः प्राप्त होता है। आवेदक को परिवार के सदस्यों को जोड़ने की सुविधा दी गई है, जबकि लेखपाल और ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है। फैमिली आईडी डिजीलॉकर पर उपलब्ध कराई जा रही है और अब तक 19 लाख से अधिक भौतिक फैमिली आईडी कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। यह कार्ड पूरी तरह निःशुल्क है, जिस पर प्रति कार्ड लगभग 8 रुपये का खर्च सरकार स्वयं वहन कर रही है।

वर्तमान में फैमिली आईडी से कुल 98 योजनाएं जोड़ी जा चुकी हैं, जिनमें केंद्र सरकार की 13 और उत्तर प्रदेश सरकार की 85 योजनाएं शामिल हैं। फैमिली आईडी डाटाबेस में अब तक 15.7 करोड़ से अधिक नागरिक पंजीकृत हैं, जिनमें 14.7 करोड़ राशन कार्ड आधारित और 1.03 करोड़ स्व-पंजीकरण के माध्यम से जुड़े हैं। डाटाबेस में कुल फील्ड सैचुरेशन 70 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जिसमें पता विवरण 100 प्रतिशत, मोबाइल नंबर 85 प्रतिशत, वैवाहिक स्थिति 54 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

फैमिली आईडी को योजनाओं से जोड़ने के लिए पांच-स्तरीय तकनीकी प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसके अंतर्गत आधार अधिसूचना, डाटाबेस डिजिटलीकरण, आधार प्रमाणीकरण, योजना पोर्टल पर फैमिली आईडी फील्ड निर्माण और विभागीय डाटाबेस का एकीकरण शामिल है, जिससे योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से पात्र परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, बल्कि सरकारी योजनाओं के लाभ को सही लोगों तक पहुँचाने में मदद करता है। इस प्रकार की पहल से देश की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त होता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फैमिली आईडी क्या है?
फैमिली आईडी एक 12 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर है, जो पूरे परिवार का विवरण उपलब्ध कराता है।
फैमिली आईडी के लिए पंजीकरण कैसे करें?
नागरिक आधार आधारित लॉगिन और ई-केवाईसी के माध्यम से स्व-पंजीकरण कर सकते हैं।
क्या फैमिली आईडी कार्ड मुफ्त है?
हाँ, फैमिली आईडी कार्ड पूरी तरह निःशुल्क है।
क्या सभी परिवारों के लिए फैमिली आईडी अनिवार्य है?
हाँ, सभी परिवारों के लिए फैमिली आईडी बनाना अनिवार्य है।
क्या फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाई जाएगी?
जी हाँ, फैमिली आईडी प्रणाली फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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