लद्दाख की त्सो मोरीरी झील: ऊँचे पहाड़ों के बीच का नीला जादू
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यदि आप हिमालय के अद्भुत, शांत और नैसर्गिक सौंदर्य का अनुभव करना चाहते हैं, तो लद्दाख की त्सो मोरीरी झील आपके लिए एक स्वर्गीय स्थल है। यह झील, लेह से लगभग 250 किलोमीटर दूर चांगथांग क्षेत्र में स्थित है और इसे ऊँचे पहाड़ों ने चारों ओर से घेर रखा है। यहां का नीला पानी, रंग-बिरंगा आसमान और शांत वातावरण मिलकर एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं।
यह झील समुद्र तल से लगभग 4,500 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और इसे दुनिया की सबसे ऊँची रामसर वेटलैंड साइटों में से एक माना जाता है। इस क्षेत्र में जाने के लिए इनर लाइन परमिट (आईएलपी) लेना आवश्यक है, क्योंकि यह क्षेत्र लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के निकट है।
त्सो मोरीरी झील लद्दाख के रूपशू घाटी में स्थित है। इसकी लंबाई लगभग 19 से 29 किलोमीटर और चौड़ाई 7 से 8 किलोमीटर है। झील का पानी इतना साफ है कि इसमें आसपास के बर्फ से ढके पहाड़ और रंग-बिरंगे आसमान की छाया स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। लद्दाख के लोग इस विशेष जगह को पूजनीय मानते हैं और इसे 'माउंटेन लेक' या 'लेक मोरीरी' के नाम से भी जानते हैं।
त्सो मोरीरी केवल सुंदरता में ही नहीं, बल्कि जैव विविधता में भी समृद्ध है। यहां मार्मोट, तिब्बती जंगली गधा (कियांग), आइबेक्स और कभी-कभार तिब्बती भेड़िया जैसे दुर्लभ जानवर भी पाए जाते हैं। गर्मियों में यहां प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है, जैसे कि काले गला वाला सारस, बार-हेडेड गूस और ब्राह्मणी बत्तख, जो पक्षी प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं। झील को त्सो मोरीरी वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व का दर्जा भी प्राप्त है। यहां झील के किनारे टेंट लगाने या कोई निर्माण करने की अनुमति नहीं है, जो इसकी प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने में मदद करता है।
त्सो मोरीरी में आने वाले पर्यटक कई रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। झील के किनारे टहलना, फोटोग्राफी करना और शांत वातावरण में घूमना सबसे लोकप्रिय गतिविधियाँ हैं। यहां के साफ आसमान के कारण रात में तारों की छटा देखना एक अद्भुत अनुभव है। कम प्रदूषण के कारण, आसमान में अनगिनत तारे स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। झील के किनारे तारों भरे आसमान के नीचे रात बिताना एक यादगार अनुभव है। दूरबीन के साथ आसपास के पहाड़ों में घूमना और जंगली जानवरों को देखना रोमांच बढ़ाता है। ट्रेकिंग के शौकीन लोग झील के आसपास के रास्तों पर ट्रेकिंग का आनंद ले सकते हैं। यहां आसान सैर से लेकर पहाड़ी ट्रेक तक के विकल्प उपलब्ध हैं।
यहां रहने वाले खानाबदोश समुदायों से मिलना भी एक विशेष अनुभव है। उनकी पारंपरिक जीवनशैली, लद्दाखी भोजन और सदियों पुरानी परंपराओं को जानकर पर्यटक लद्दाख की असली संस्कृति से रूबरू होते हैं। ऐतिहासिक रूप से, त्सो मोरीरी सिल्क रोड के व्यापारिक रास्तों पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। पुराने समय में यात्री यहां पानी भरने और विश्राम करने के लिए रुकते थे। आज भी यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है।
त्सो मोरीरी जाने के लिए इनर लाइन परमिट लेना आवश्यक है। पर्यटक लेह से यह परमिट प्राप्त कर सकते हैं। गर्मियों का मौसम यहां घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।