क्या लक्सर में चीन-मिस्र संयुक्त टीम ने प्राचीन 'दक्षिणी पवित्र झील' की खोज की?
सारांश
Key Takeaways
- मोंटू मंदिर परिसर में एक नई पवित्र झील की खोज की गई है।
- यह संरचना लगभग 50 वर्ग मीटर में फैली हुई है।
- इस खोज से कर्नाक मंदिर परिसर की जानकारियों में वृद्धि हुई है।
बीजिंग, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मिस्र के लक्सर प्रांत में स्थित मोंटू मंदिर में चीन-मिस्र संयुक्त पुरातत्व दल ने यह जानकारी दी है कि उन्होंने कर्नाक मोंटू मंदिर परिसर में एक पवित्र झील की संरचना के अवशेषों को सफलतापूर्वक उजागर और साफ किया है। यह संरचना अब तक ज्ञात नहीं थी।
यह महत्वपूर्ण खोज चीन की सामाजिक विज्ञान अकादमी के पुरातत्व संस्थान और मिस्र के पर्यटन एवं पुरावशेष मंत्रालय के सहयोग से की गई है। नई पवित्र झील मोंटू मंदिर परिसर के भीतर माआट मंदिर के पश्चिमी हिस्से में स्थित है। यह कृत्रिम जल भंडारण संरचना लगभग 50 वर्ग मीटर से अधिक के क्षेत्र में फैली हुई है और यह अपनी अद्वितीय वास्तुकला के लिए जानी जाती है।
पुराने ज्ञात मोंटू मंदिर की पवित्र झील के साथ मिलकर, यह नई खोज मंदिर परिसर के एक अद्भुत स्थापत्य विन्यास को दर्शाती है, जहां मंदिर की दीवारों के भीतर उत्तर और दक्षिण, दो पवित्र झीलें समानांतर स्थित हैं। इस आधार पर, नई झील को 'दक्षिणी पवित्र झील' नाम दिया गया है।
यह ध्यान देने योग्य है कि प्रारंभिक पुरातात्विक अभिलेखों में 'दक्षिणी पवित्र झील' का कोई उल्लेख नहीं मिलता। इसकी खोज से कर्नाक मंदिर परिसर के बारे में लोगों की समझ में गहरा सुधार हुआ है, जिसका श्रेय चीन और मिस्र के पुरातत्त्ववेत्ताओं के संयुक्त प्रयासों और गहन सहयोग को जाता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)