उत्तरी इराक में ईरानी ड्रोन विस्फोटक निष्क्रिय करते समय अमेरिकी सैन्यकर्मी की मौत, एक घायल
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की है कि उत्तरी इराक में एक ईरानी वन-वे अटैक ड्रोन से जुड़े अविस्फोटित बम को नियंत्रित विस्फोट (कंट्रोल्ड डेटोनेशन) के ज़रिये निष्क्रिय करने के प्रयास के दौरान एक अमेरिकी सैन्यकर्मी की मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य सैन्यकर्मी भी घायल हुआ है, जिसे मामूली चोटें आई हैं और उसका उपचार जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
सेंटकॉम ने रविवार, 20 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी आधिकारिक बयान में इस हादसे की जानकारी दी। अमेरिकी सेना को रविवार को मानव अवशेष प्राप्त हुए। इससे पहले सेंटकॉम ने शनिवार को बताया था कि शुक्रवार को जॉर्डन में हुए ईरानी हमले के बाद दो अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हो चुकी थी और एक अन्य लापता था।
सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया कि बरामद अवशेषों की पहचान की पुष्टि के लिए जाँच प्रक्रिया अभी जारी है। कमांड ने कहा, 'जब तक परिजनों को आधिकारिक रूप से सूचना देने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक मृत और लापता सैन्यकर्मियों की पहचान सहित अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे।'
नौसैनिक नाकेबंदी और जहाज़ों का मार्ग परिवर्तन
सेंट्रल कमांड के ताज़ा अपडेट के अनुसार, रविवार तक अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखते हुए छह वाणिज्यिक जहाज़ों का मार्ग बदल दिया, जबकि एक जहाज़ को रोक लिया गया। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका की रणनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
ईरान का एमक्यू-9 ड्रोन मार गिराने का दावा
इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने रविवार को ईरान के अहवाज़ क्षेत्र में अमेरिका के एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया। ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान के इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस नेटवर्क की कमान में आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स के उन्नत वायु-रक्षा प्रणाली ने इस ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
ईरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में अमेरिकी और ईरानी ताकतों के बीच टकराव तेज़ हो रहा है। आईआरजीसी ने शनिवार को दावा किया था कि उसने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया, कुवैत में एक ईंधन आपूर्ति डॉक को निशाना बनाया और बहरीन में एक डेटा सेंटर को नष्ट किया। गौरतलब है कि ये हमले पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के खिलाफ ईरान की बढ़ती आक्रामकता की श्रृंखला का हिस्सा हैं।
आगे की स्थिति
अमेरिकी सेना की पहचान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक के नाम और विवरण सार्वजनिक किए जाएंगे। विश्लेषकों के अनुसार, इस घटनाक्रम से क्षेत्र में सैन्य तनाव और गहराने की आशंका है। अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी और ईरान के जवाबी दावों के बीच स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है।