लक्सर में मिला 3,500 साल पुराना न्यू किंगडम मकबरा, 'पासेर' की पहचान शिलालेखों से हुई
सारांश
मुख्य बातें
मिस्र के पर्यटन एवं पुरावशेष मंत्रालय ने 13 जुलाई 2025 को घोषणा की कि लक्सर के पश्चिमी तट पर जारी पुरातात्विक उत्खनन के दौरान एक दुर्लभ प्राचीन मकबरा प्रकाश में आया है। प्रारंभिक विश्लेषण के आधार पर विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह मकबरा न्यू किंगडम काल (1550 ईसा पूर्व – 1069 ईसा पूर्व) का है और इसका सीधा संबंध फराओ युग की अंत्येष्टि परंपराओं से है।
खोज का विवरण और उत्खनन दल
यह खोज थीबन नेक्रोपोलिस में कार्यरत एक डच पुरातात्विक अभियान दल ने की। मिस्र की सर्वोच्च पुरातत्व परिषद (SCA) के महासचिव हिशाम एल-लेइथी ने बताया कि मकबरे की दीवारों पर उकेरे गए शिलालेखों से इसके स्वामी की पहचान 'पासेर' के रूप में की गई है। दीवारों की शिल्पकला और आकृतियों के आधार पर यह काल-निर्धारण किया गया है, हालाँकि विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन अभी जारी है।
मकबरे की संरचना और स्थापत्य शैली
SCA के मिस्र पुरावशेष विभाग के प्रमुख मोहम्मद अब्देल-बादी के अनुसार, मकबरे की वास्तुकला न्यू किंगडम काल के निजी मकबरों की पारंपरिक शैली का अनुसरण करती है। इसमें एक बाहरी प्रांगण, उल्टे 'टी' आकार का चट्टान काटकर निर्मित प्रार्थना कक्ष तथा कई भूमिगत दफन कक्ष शामिल हैं। बाहरी प्रांगण अच्छी स्थिति में है और इसमें मिट्टी की ईंटों से बना एक मस्तबा (समाधि मंच) है, जिसके मध्य में अंतिम संस्कार संबंधी शिलापट्ट रखने हेतु एक आला बना है। सीढ़ियाँ और उनके दोनों ओर के रैंप मकबरे के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुँचते हैं।
दीवारों पर चित्रकारी और शिलालेख
मकबरे की दीवारें अत्यंत सुंदर और रंगीन चित्रों से सजी हैं, जो फिलहाल धूल और गाद की पतली परत से आंशिक रूप से ढकी हैं। उत्खनित हिस्सों में पासेर को देवताओं के मंदिरों में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तथा अपनी पत्नी के साथ पारंपरिक भेंट-पूजा की मेज के सामने खड़े हुए चित्रित किया गया है। दीवारों पर पासेर का नाम भी अंकित है।
आगे का अध्ययन और ऐतिहासिक महत्व
एल-लेइथी ने बताया कि पुरातात्विक दल इस स्थल पर दफन व्यक्तियों की पहचान और उनके इतिहास के पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत दस्तावेजीकरण एवं वैज्ञानिक अध्ययन करेगा, ताकि इस मकबरे को उसके व्यापक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ में समझा जा सके। गौरतलब है कि यह खोज ऐसे समय में आई है जब मिस्र में पुरातात्विक गतिविधियाँ तेज़ हुई हैं — इससे पहले अप्रैल 2025 में एक स्पेनिश अभियान दल ने मिन्या प्रांत में 30 ईसा पूर्व से 395 ईस्वी के बीच का एक दुर्लभ रोमन-यूनानी काल का मकबरा खोजा था, जिसमें ज्यामितीय डिजाइनों में लिपटी ममी, लकड़ी के ताबूत, सोने की तीन कृत्रिम जीभें और तांबे की एक कृत्रिम जीभ मिली थीं। लक्सर की यह नई खोज मिस्र की न्यू किंगडम सभ्यता के अंत्येष्टि रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना को समझने में नई अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकती है।