लखीसराय भगदड़: प्रशांत किशोर बोले — 7 मौतों के बाद भी एक भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के सूत्रधार और विधायक प्रशांत किशोर ने 18 अगस्त 2026 को लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में हुई भगदड़ के पीड़ित परिवारों और घायलों से मुलाकात की और प्रशासनिक विफलता पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 7 लोगों की जान जाने के बावजूद अब तक किसी भी अधिकारी या पुलिसकर्मी पर कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद मीडिया को बताया कि प्रथम दृष्टया प्रशासन ने भीड़ की गंभीरता को देखते हुए जो संवेदनशीलता और सतर्कता दिखानी चाहिए थी, वह नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में अशोकधाम मंदिर में हर सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है — यह तथ्य प्रशासन को पहले से ज्ञात था। इसके बावजूद न पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया, न भीड़ प्रबंधन की कोई ठोस योजना बनाई गई।
जवाबदेही पर सवाल
किशोर ने कहा, 'सात लोगों की जान गई है। अभी तक किसी प्रशासनिक अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। डीएम, एसपी, एसडीएम, डीएसपी या थानेदार — किसी पर जवाबदेही तय नहीं हुई। एक हवलदार या कॉन्स्टेबल तक निलंबित नहीं हुआ है।' उन्होंने यह भी कहा कि जांच के आदेश दे देना खानापूर्ति है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि जांच कौन कर रहा है, किन अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी और किसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
मुआवजे पर आपत्ति
किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार में दुर्घटनाओं के बाद कुछ मुआवजा देकर मामले को बंद मान लेने की प्रवृत्ति बन गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा मिलना उनका अधिकार है, परंतु केवल आर्थिक सहायता देने से सरकार की जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। उन्होंने कहा, 'सरकार गलती करे, जनता कष्ट उठाए और फिर जनता के पैसे से मुआवजा बांटकर अपनी जवाबदेही पूरी मान ली जाए — यह उचित नहीं है।'
घायलों के इलाज की स्थिति
किशोर ने घायलों के उपचार की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, कई घायल सरकारी अस्पताल की व्यवस्था से असंतुष्ट होकर अपने घरों या निजी अस्पतालों में चले गए। उन्होंने बताया कि एक गांव में सहनी परिवार के 4 घायलों से मुलाकात हुई, जिन्होंने अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं न होने की बात कही। एक निजी अस्पताल में भर्ती घायलों से भी उन्होंने मुलाकात की और पाया कि उन्हें अब तक कोई ठोस सरकारी सहायता नहीं मिली है।
आगे की योजना
किशोर ने कहा कि वे हलसी भी जाएंगे, जहां से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत की सूचना मिली है। वहां प्रभावित परिवार से मुलाकात के बाद वे अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने मांग की कि मुआवजे के साथ-साथ दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए — ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति न हो।