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लखीसराय अशोक धाम मंदिर भगदड़: 7 श्रद्धालुओं की मौत, 13 से अधिक घायल; बिहार सरकार ने दिया ₹4 लाख मुआवज़ा

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लखीसराय अशोक धाम मंदिर भगदड़: 7 श्रद्धालुओं की मौत, 13 से अधिक घायल; बिहार सरकार ने दिया ₹4 लाख मुआवज़ा

सारांश

सावन के तीसरे सोमवार को लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़ में बिजली का खंभा गिरने और अफवाह फैलने से भगदड़ मच गई। 7 श्रद्धालुओं की जान गई, 13 से अधिक घायल हुए। बिहार सरकार ने ₹4 लाख मुआवज़े का ऐलान किया।

मुख्य बातें

लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में 17 अगस्त 2026 को सावन के तीसरे सोमवार को भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई।
13 से अधिक श्रद्धालु घायल, सभी को लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भगदड़ का कारण: बिजली का खंभा गिरने और उसके विद्युत-आवेशित होने की अफवाह से दहशत।
मृतकों में 6 लखीसराय , 1 मुंगेर और 1 पटना के निवासी शामिल।
बिहार सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित NDA नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में 17 अगस्त 2026 को सावन के तीसरे सोमवार को हुई भीषण भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 13 से अधिक अन्य घायल हो गए। यह दुखद घटना अशोकधाम रेलवे स्टेशन और मंदिर के बीच के मार्ग पर सुबह 6:30 बजे से 7:00 बजे के बीच उस समय हुई जब हज़ारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए एकत्रित थे।

घटनाक्रम: कैसे मची भगदड़

लखीसराय के जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार, सुबह साढ़े छह से सात बजे के बीच भीड़ असामान्य रूप से घनी हो गई थी। श्रद्धालुओं की लंबी कतार अशोक धाम हॉल्ट तक फैली हुई थी, जहाँ कथित तौर पर दो ट्रेनें खड़ी थीं। इसी दौरान एक बिजली का खंभा अचानक गिर पड़ा, जिससे भीड़ में दहशत फैल गई।

रिपोर्टों के अनुसार, यह अफवाह तेज़ी से फैल गई कि गिरा हुआ खंभा विद्युत-आवेशित था। इस अफवाह के कारण श्रद्धालु अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे और अफरातफरी में भगदड़ मच गई। कई श्रद्धालु गिर पड़े और भीड़ के नीचे दबकर उनकी मृत्यु हो गई।

मृतकों की पहचान

अब तक पहचाने गए मृतकों में मनमाला देवी (44 वर्ष), इंद टोला, बरहिया, लखीसराय; रिंकू देवी (50 वर्ष), फरदा, सफियासराय, मुंगेर; हेमलता देवी (55 वर्ष), कैंदी प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय; और ललिता देवी, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय शामिल हैं। मृतकों में 6 लखीसराय, एक मुंगेर और एक पटना के निवासी बताए जा रहे हैं। तीन अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

घायलों को तत्काल लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय निवासियों और अन्य तीर्थयात्रियों ने घटनास्थल पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे।

सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार ने भगदड़ में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'अशोक धाम मंदिर, लखीसराय में हुई भगदड़ के कारण हुई जनहानि से मैं अत्यंत दुखी हूं। इस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वाले सभी लोगों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।'

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, 'अशोक धाम मंदिर, लखीसराय में हुई हृदयविदारक भगदड़ की घटना अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों के साथ हैं।' राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई अन्य नेताओं ने भी इस घटना पर दुख जताया है।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

सावन माह में अशोक धाम मंदिर बिहार के प्रमुख शिव तीर्थस्थलों में से एक है, जहाँ हर सोमवार को लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सावन के सोमवारों पर मंदिरों में भीड़ प्रबंधन को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जाती रही हैं। गौरतलब है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण की चूक भारत में बार-बार दुर्घटनाओं का कारण बनती है।

आगे क्या होगा

प्रशासन ने घटना की जाँच के आदेश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को बिहार सरकार की ओर से ₹4 लाख प्रति परिवार की सहायता राशि दी जाएगी। घायलों का उपचार लखीसराय सदर अस्पताल में जारी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन के उपायों की समीक्षा अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि आपातकालीन संचार और भीड़ नियंत्रण की बुनियादी व्यवस्थाएँ भी मौके पर नदारद थीं। ₹4 लाख का मुआवज़ा राहत तो है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस बार जाँच केवल खानापूर्ति तक सीमित रहेगी या भविष्य के लिए बाध्यकारी सुरक्षा मानक तय होंगे।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखीसराय अशोक धाम मंदिर भगदड़ में क्या हुआ?
17 अगस्त 2026 को सावन के तीसरे सोमवार को लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए एकत्रित भीड़ में बिजली का खंभा गिरने और उसके विद्युत-आवेशित होने की अफवाह फैलने से भगदड़ मच गई। इस हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 13 से अधिक घायल हुए।
भगदड़ में किन जिलों के लोगों की जान गई?
मृतकों में 6 लखीसराय, 1 मुंगेर और 1 पटना के निवासी शामिल हैं। पहचाने गए मृतकों में मनमाला देवी, रिंकू देवी, हेमलता देवी और ललिता देवी के नाम सामने आए हैं; तीन अन्य की पहचान जारी है।
बिहार सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए क्या घोषणा की?
बिहार सरकार ने भगदड़ में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों का उपचार लखीसराय सदर अस्पताल में जारी है।
भगदड़ का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार सुबह 6:30 से 7:00 बजे के बीच भीड़ अत्यधिक घनी हो गई थी। बिजली का खंभा अचानक गिरने और उसके विद्युत-आवेशित होने की अफवाह फैलने से श्रद्धालु अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे, जिससे भगदड़ मची।
केंद्रीय नेताओं ने इस घटना पर क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं दीं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी एक्स पर शोक संदेश साझा किया। NDA के कई अन्य नेताओं ने भी इस घटना पर दुख जताया है।
राष्ट्र प्रेस
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