लखीसराय अशोक धाम भगदड़: 7 श्रद्धालुओं की मौत, बिहार सरकार ने ₹4 लाख मुआवज़े का किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के लखीसराय ज़िले में स्थित अशोक धाम मंदिर (इंद्र दमनेश्वर महादेव मंदिर) में 18 अगस्त 2025 को सावन के तीसरे सोमवार पर हुई भगदड़ में कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए। बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
कैसे हुई भगदड़
सावन के पवित्र महीने में तीसरे सोमवार के अवसर पर अशोक धाम मंदिर परिसर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, इसी दौरान एक बिजली का तार गिरने और करंट आने की अफवाह भीड़ में फैल गई, जिससे घबराहट की स्थिति उत्पन्न हो गई। श्रद्धालु बचाव के लिए अलग-अलग दिशाओं में दौड़ने लगे, जिससे भगदड़ मच गई और कई लोग एक-दूसरे के नीचे दब गए। स्थानीय निवासियों और अन्य श्रद्धालुओं ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवज़ा
बिहार सरकार ने घटना का संज्ञान लेते हुए भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। घायलों के उपचार की भी व्यवस्था की जा रही है।
नेताओं ने जताया शोक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'अशोक धाम मंदिर, लखीसराय में हुई भगदड़ के कारण हुई जनहानि से मैं अत्यंत दुखी हूं। इस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वाले सभी लोगों के शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।'
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक्स पर लिखा, 'अशोक धाम मंदिर, लखीसराय में हुई हृदयविदारक भगदड़ की घटना अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। श्रद्धालुओं की असमय मृत्यु की खबर से मन गहरा आहत है।'
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन) ने एक्स पर बताया कि तीसरी सोमवारी के अवसर पर मंदिर में अचानक भीड़ काफ़ी बढ़ गई थी, और बिजली का तार व पोल गिरने तथा करंट आने की अफवाह फैलने से भगदड़ की स्थिति बनी।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी एक्स पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
विपक्ष ने उठाए सवाल
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक्स पर इस घटना को एनडीए सरकार की 'प्रशासनिक कुव्यवस्था' का परिचायक बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उचित सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन नहीं होना इस हादसे की बड़ी वजह है। यादव ने सरकार से मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा और घायलों के त्वरित उपचार की माँग की।
आगे क्या
यह घटना ऐसे समय में आई है जब सावन के महीने में पूरे देश के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लखीसराय प्रशासन ने मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन की समीक्षा शुरू कर दी है। घटना की जाँच जारी है और आगामी सोमवारियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।