लखीसराय अशोकधाम भगदड़: 7 श्रद्धालुओं की मौत, मंत्री विजय कुमार सिन्हा घटनास्थल रवाना
सारांश
मुख्य बातें
लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में 17 अगस्त 2026 को सावन के तीसरे सोमवार पर हुई भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। बिहार सरकार के मंत्री एवं स्थानीय विधायक विजय कुमार सिन्हा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे स्वयं घटनास्थल पर पहुँच रहे हैं और जाँच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कैसे हुई भगदड़
मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, मंदिर परिसर के बाहर एक खंभा और बिजली के तार गिर गए, जिसके बाद भीड़ में यह अफवाह फैल गई कि बिजली का करंट दौड़ रहा है। इस अफवाह से घबराए श्रद्धालुओं में अचानक भगदड़ मच गई और सात लोगों की जान चली गई। सिन्हा ने बताया कि सुबह 5 बजे तक स्थिति सामान्य थी और उन्होंने वीडियो कॉल के जरिये खुद अशोकधाम का जायजा लिया था। यह हादसा सुबह 6 से 6:30 बजे के बाद घटित हुआ।
सरकार की प्रतिक्रिया
सिन्हा ने बताया कि उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट और मंदिर प्रशासन से बात की है तथा मुख्यमंत्री को भी घटना की सूचना दी है। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि चिकित्सा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अशोकधाम में उनकी ओर से एक राहत शिविर संचालित किया जाता रहा है।
पीड़ित परिवारों को सहायता का आश्वासन
मंत्री सिन्हा ने कहा, 'पीड़ितों में अधिकतर स्थानीय लोग हैं। पीड़ित परिवार को निश्चित रूप से सहायता दी जाएगी और सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।' यह ऐसे समय में आया है जब सावन के दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली भारी भीड़ के प्रबंधन को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
सहकारिता मंत्री ने जताया शोक
बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने भी घटना को 'अत्यंत दुखद और गंभीर' बताया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। यादव ने कहा कि घटना की जाँच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएंगे, सरकार उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करेगी।
आगे क्या होगा
मंत्री सिन्हा के घटनास्थल पहुँचने के बाद प्रशासनिक जाँच की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि धार्मिक आयोजनों में भगदड़ की यह कोई पहली घटना नहीं है — बिहार सहित देश के कई राज्यों में सावन और अन्य त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन की कमियाँ बार-बार सामने आती रही हैं। इस घटना के बाद धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की माँग और तेज़ हो सकती है।