लखीसराय अशोकधाम भगदड़: 7 श्रद्धालुओं की मौत पर गिरिराज सिंह समेत कई नेताओं ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के लखीसराय जिले के अशोकधाम मंदिर में सोमवार, 17 अगस्त को सावन के तीसरे सोमवार पर हुई भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, अफवाह फैलने के बाद भीड़ में अचानक दहशत फैल गई, जिससे यह दुखद हादसा हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी दौरान यह अफवाह फैल गई कि बिजली का तार या खंभा गिर गया है और उसमें करंट दौड़ रहा है। इस अफवाह के चलते भीड़ में भगदड़ मच गई, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।
नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'मैं इस घटना में घायल या प्रभावित हुए सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। कृपया अफवाहें न फैलाएं; ऐसी दुर्घटनाएं अफवाहों के कारण ही होती हैं।'
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने घटना का विवरण देते हुए कहा, 'लखीसराय के अशोक धाम में सावन के तीसरे सोमवार को अचानक भीड़ बहुत बढ़ गई। यह अफवाह फैल गई कि बिजली का तार या खंभा गिर गया है और उसमें करंट दौड़ रहा है, जिससे भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले।'
सरकार की प्रतिक्रिया
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने जांच का आश्वासन देते हुए कहा, 'सरकार इस घटना के कारणों की जांच करेगी। अगर कोई लापरवाही या कमी पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।' बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने भी इसे 'गंभीर मामला' बताते हुए जांच की बात दोहराई।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि सरकार ने तुरंत उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।'
विशेषज्ञ और नेताओं की राय
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा, 'सभी धर्मों और आस्थाओं के लोगों को थोड़ा संयम बरतना चाहिए। श्रद्धालुओं को नियमों का पालन करना चाहिए, कतार में रहना चाहिए।' जनता दल (यूनाइटेड) नेता नीरज कुमार ने कहा कि यह ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल पर हुई बेहद दुखद घटना है, जहाँ भीड़ का दबाव अचानक और अनावश्यक रूप से बढ़ गया।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। घटना के कारणों — विशेषकर भीड़ प्रबंधन में संभावित चूक और अफवाह फैलाने वालों की जिम्मेदारी — की पड़ताल की जाएगी। गौरतलब है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भगदड़ की यह कोई पहली घटना नहीं है, और इस हादसे ने एक बार फिर तीर्थ स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।