लखीसराय मंदिर भगदड़: PM मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख, घायलों को ₹50,000 मुआवज़ा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। सावन के पवित्र महीने के तीसरे सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्र होने के दौरान हुई इस दुर्घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
मुआवज़े की घोषणा
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लखीसराय में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मृतकों के परिजनों को PMNRF से ₹2 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को ₹50,000 दिए जाएंगे।' यह राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली तत्काल राहत है, जो राज्य सरकार द्वारा घोषित सहायता के अतिरिक्त होगी।
प्रधानमंत्री की संवेदनाएँ
PMO ने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा, 'बिहार के लखीसराय में भगदड़ के कारण हुई जानमाल की हानि से व्यथित हूँ। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।' यह बयान घटना की जानकारी मिलते ही जारी किया गया।
घटनाक्रम: कैसे हुई भगदड़
लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को श्रद्धालुओं की असाधारण भीड़ उमड़ी थी। पूजा-अर्चना और अनुष्ठान के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। इस हादसे में कम से कम सात लोगों की जान चली गई और एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'यह घटना अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मैं मर्माहत हूँ।' नीतीश कुमार ने राज्य सरकार और प्रशासन से घायलों के समुचित इलाज तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
आगे क्या होगा
स्थानीय प्रशासन घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों की मदद में जुटा है। गौरतलब है कि धार्मिक आयोजनों में भगदड़ की घटनाएँ भारत में पहले भी सामने आई हैं, जो भीड़ प्रबंधन की गंभीर चुनौती को उजागर करती हैं। अधिकारियों के अनुसार, घटना की जाँच की जा रही है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे।