लखीसराय अशोकधाम भगदड़: 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत, CM सम्राट चौधरी ने दिए इलाज के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के लखीसराय जिले में अशोकधाम मंदिर के पास 17 अगस्त 2026 को सावन के तीसरे सोमवार पर हुई भगदड़ में कम से कम 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 12 से अधिक घायल हो गए। भारी भीड़ के बीच श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दब गए, जिससे यह हादसा हुआ। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'लखीसराय के अशोकधाम की घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के समुचित व त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।'
अन्य नेताओं की संवेदनाएँ
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'मर्माहत हूं। ॐ शांति। श्रावण सोमवार के अवसर पर आज सुबह लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ में कई श्रद्धालुओं की मृत्यु की सूचना से मन व्यथित है। हम सभी की संवेदनाएं शोकाकुल परिवारजनों के साथ हैं।'
बिहार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने भी इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा, 'लखीसराय में हुए दर्दनाक हादसे में 7 महिलाओं की मृत्यु की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि और शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।'
हादसे का विवरण
सावन के तीसरे सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दबते चले गए, जिससे मौके पर ही कई लोगों की जान चली गई। प्रशासन ने घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।
प्रशासन को निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घायलों के समुचित और त्वरित उपचार को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि सावन के महीने में शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे भगदड़ का खतरा बना रहता है।
आगे की स्थिति
फिलहाल सभी 12 से अधिक घायल श्रद्धालुओं का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। मृतकों की पहचान और हादसे की विस्तृत जाँच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।