21 अक्टूबर 2026
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थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने गजराज कोर के लांस नायक एबेट पालोह के बलिदान को किया नमन

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थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने गजराज कोर के लांस नायक एबेट पालोह के बलिदान को किया नमन

सारांश

गजराज कोर के लांस नायक एबेट पालोह ने ड्यूटी के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने संपूर्ण सेना की ओर से उन्हें नमन किया। यह बलिदान उस श्रृंखला की याद दिलाता है जिसमें अरुणाचल के दिबांग क्षेत्र में तीन अग्निवीरों ने भी अपने प्राण न्योछावर किए थे।

मुख्य बातें

थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और सेना के सभी रैंकों ने लांस नायक एबेट पालोह को 21 अक्टूबर 2026 को श्रद्धांजलि अर्पित की।
लांस नायक एबेट पालोह गजराज कोर में कार्यरत थे और कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
भारतीय सेना ने शोकसंतप्त परिवार के साथ एकजुटता जताते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इससे पहले अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में 14 अगस्त की बाढ़ में तीन अग्निवीर — आदित्य कुमार , कुंदन कुमार और विनोद यादव — शहीद हुए थे।
तीनों अग्निवीरों की पहचान डीएनए जाँच के ज़रिये की गई और अस्थि कलश परिजनों को सौंपे गए।

भारतीय सेना के थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और सेना के सभी रैंकों ने गजराज कोर के लांस नायक एबेट पालोह को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय सेना की ओर से जारी आधिकारिक संदेश में उनके बलिदान को नमन करते हुए शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। सेना ने संकल्प जताया कि वह इस कठिन घड़ी में दिवंगत जवान के परिवार के साथ दृढ़ता से खड़ी रहेगी।

बलिदान और श्रद्धांजलि

भारतीय सेना की ओर से जारी आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि गजराज कोर के लांस नायक एबेट पालोह ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए। जनरल धीरज सेठ ने वीर जवान के असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सलाम किया। सेना ने स्पष्ट किया कि दिवंगत सैनिक का परिवार इस दुःख की घड़ी में अकेला नहीं है।

गजराज कोर की भूमिका

गजराज कोर भारतीय सेना की पूर्वी सीमा की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और पूर्वोत्तर भारत के दुर्गम क्षेत्रों में तैनात रहती है। यह कोर पूर्वी थिएटर में रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील इलाकों की निगरानी और सुरक्षा के लिए जानी जाती है। लांस नायक पालोह की तैनाती इसी कोर के अंतर्गत थी।

हाल के बलिदानों का संदर्भ

गौरतलब है कि इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम दिबांग क्षेत्र में 14 अगस्त को आई बाढ़ के दौरान तीन अग्निवीर — अग्निवीर आदित्य कुमार, अग्निवीर कुंदन कुमार (बिहार) और अग्निवीर विनोद यादव (औरैया) — लापता हो गए थे। कई दिनों की खोजबीन के बाद डीएनए जाँच के ज़रिये उनकी पहचान हो सकी और तत्पश्चात उनके अस्थि कलश परिजनों तक पहुँचाए गए। पूर्वी सेना कमान के सेना कमांडर और सभी सैन्य रैंकों ने उन तीनों जवानों के बलिदान पर भी गहरी संवेदना व्यक्त की थी।

परिवार के प्रति सेना की एकजुटता

भारतीय सेना ने शोक के इस क्षण में लांस नायक एबेट पालोह के परिवार के साथ पूर्ण एकजुटता प्रकट की है। सेना की परंपरा रही है कि बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को हर संभव सहायता और सम्मान दिया जाए। यह बलिदान उन असंख्य जवानों की अटूट निष्ठा का प्रतीक है, जो देश की सीमाओं पर मौन साधक की तरह अपना कर्तव्य निभाते हैं।

आगे क्या

सेना के अनुसार, दिवंगत लांस नायक एबेट पालोह के परिवार को सभी सैनिक सम्मान और नियमानुसार सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी। राष्ट्र की ओर से इस वीर सपूत के अतुलनीय योगदान को सदैव स्मरण रखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सम्मान उन नीतिगत सुधारों में निहित है जो ऐसे बलिदानों को रोकने योग्य बना सकें।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लांस नायक एबेट पालोह कौन थे?
लांस नायक एबेट पालोह भारतीय सेना की गजराज कोर में कार्यरत जवान थे, जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके निधन पर थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ सहित सेना के सभी रैंकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
गजराज कोर क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
गजराज कोर भारतीय सेना की वह कोर है जो पूर्वोत्तर भारत की संवेदनशील और दुर्गम सीमाओं की सुरक्षा में तैनात रहती है। यह पूर्वी थिएटर में रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दिबांग बाढ़ में शहीद तीन अग्निवीर कौन थे?
अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में 14 अगस्त को आई बाढ़ में अग्निवीर आदित्य कुमार, अग्निवीर कुंदन कुमार (बिहार) और अग्निवीर विनोद यादव (औरैया, उत्तर प्रदेश) लापता हो गए थे। बाद में डीएनए जाँच से उनकी पहचान हुई और अस्थि कलश परिजनों को सौंपे गए।
भारतीय सेना शहीद जवानों के परिवारों की किस प्रकार सहायता करती है?
भारतीय सेना बलिदान देने वाले जवानों के परिवारों को सभी सैनिक सम्मान और नियमानुसार सुविधाएँ प्रदान करती है। सेना ने लांस नायक एबेट पालोह के परिवार के साथ भी इस कठिन घड़ी में दृढ़ता से खड़े रहने का संकल्प व्यक्त किया है।
थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने क्या कहा?
जनरल धीरज सेठ और सेना के सभी रैंकों ने लांस नायक एबेट पालोह के बलिदान को नमन किया और शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सेना ने कहा कि वह इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ मज़बूती से खड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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