थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने गजराज कोर के लांस नायक एबेट पालोह के बलिदान को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना के थलसेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और सेना के सभी रैंकों ने गजराज कोर के लांस नायक एबेट पालोह को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय सेना की ओर से जारी आधिकारिक संदेश में उनके बलिदान को नमन करते हुए शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। सेना ने संकल्प जताया कि वह इस कठिन घड़ी में दिवंगत जवान के परिवार के साथ दृढ़ता से खड़ी रहेगी।
बलिदान और श्रद्धांजलि
भारतीय सेना की ओर से जारी आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया कि गजराज कोर के लांस नायक एबेट पालोह ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए। जनरल धीरज सेठ ने वीर जवान के असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सलाम किया। सेना ने स्पष्ट किया कि दिवंगत सैनिक का परिवार इस दुःख की घड़ी में अकेला नहीं है।
गजराज कोर की भूमिका
गजराज कोर भारतीय सेना की पूर्वी सीमा की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और पूर्वोत्तर भारत के दुर्गम क्षेत्रों में तैनात रहती है। यह कोर पूर्वी थिएटर में रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील इलाकों की निगरानी और सुरक्षा के लिए जानी जाती है। लांस नायक पालोह की तैनाती इसी कोर के अंतर्गत थी।
हाल के बलिदानों का संदर्भ
गौरतलब है कि इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम दिबांग क्षेत्र में 14 अगस्त को आई बाढ़ के दौरान तीन अग्निवीर — अग्निवीर आदित्य कुमार, अग्निवीर कुंदन कुमार (बिहार) और अग्निवीर विनोद यादव (औरैया) — लापता हो गए थे। कई दिनों की खोजबीन के बाद डीएनए जाँच के ज़रिये उनकी पहचान हो सकी और तत्पश्चात उनके अस्थि कलश परिजनों तक पहुँचाए गए। पूर्वी सेना कमान के सेना कमांडर और सभी सैन्य रैंकों ने उन तीनों जवानों के बलिदान पर भी गहरी संवेदना व्यक्त की थी।
परिवार के प्रति सेना की एकजुटता
भारतीय सेना ने शोक के इस क्षण में लांस नायक एबेट पालोह के परिवार के साथ पूर्ण एकजुटता प्रकट की है। सेना की परंपरा रही है कि बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को हर संभव सहायता और सम्मान दिया जाए। यह बलिदान उन असंख्य जवानों की अटूट निष्ठा का प्रतीक है, जो देश की सीमाओं पर मौन साधक की तरह अपना कर्तव्य निभाते हैं।
आगे क्या
सेना के अनुसार, दिवंगत लांस नायक एबेट पालोह के परिवार को सभी सैनिक सम्मान और नियमानुसार सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी। राष्ट्र की ओर से इस वीर सपूत के अतुलनीय योगदान को सदैव स्मरण रखा जाएगा।