8 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुंछ में एलओसी के पास लैंडमाइन बरामद, भारतीय सेना की बम डिस्पोजल टीम ने सुरक्षित नष्ट किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुंछ में एलओसी के पास लैंडमाइन बरामद, भारतीय सेना की बम डिस्पोजल टीम ने सुरक्षित नष्ट किया

सारांश

पुंछ के मेंढर सब-डिविज़न में एलओसी के पास बरामद लैंडमाइन को भारतीय सेना ने 8 अक्टूबर को सुरक्षित नष्ट किया। यह तीन दिनों में दूसरी ऐसी घटना है — 5 अक्टूबर को बसूनी टॉप पर दो लैंडमाइन मिली थीं। सेना ने ड्रोन निगरानी बढ़ाई और सीमावर्ती ग्रामीणों को सतर्क किया।

मुख्य बातें

भारतीय सेना ने 8 अक्टूबर 2026 को पुंछ के बालाकोट फॉरवर्ड एरिया में एलओसी के पास एक लैंडमाइन बरामद कर सुरक्षित नष्ट किया।
5 अक्टूबर को बसूनी टॉप, मेंढर सेक्टर में बॉर्डर फेंस के पास दो लैंडमाइन मिली थीं, जिन्हें नियंत्रित विस्फोट से नष्ट किया गया।
तेज़ बारिश और मौसमी बाढ़ के कारण लैंडमाइन अपनी मूल स्थिति से खिसककर आम नागरिकों के लिए खतरा बनती हैं।
सेना ने ड्रोन निगरानी और जंगल गश्त बढ़ाई; सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर।
स्थानीय निवासियों — विशेषकर किसानों और बच्चों — को संदिग्ध वस्तुओं से दूर रहने और तुरंत सुरक्षा चौकी को सूचित करने की हिदायत।

भारतीय सेना ने 8 अक्टूबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर सब-डिविज़न में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के नज़दीक एक लैंडमाइन का पता लगाया और उसे सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई बालाकोट फॉरवर्ड एरिया में रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान हुई, जिसके बाद बम डिस्पोजल टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया।

मुख्य घटनाक्रम

सेना के अनुसार, बालाकोट के फॉरवर्ड एरिया में नियमित गश्त के दौरान जवानों को यह लैंडमाइन मिली। बम डिस्पोजल विशेषज्ञों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिना किसी जनहानि के इसे निष्क्रिय कर दिया। इससे पहले 5 अक्टूबर को भी मेंढर सेक्टर के बसूनी टॉप पर बॉर्डर फेंस के पास दो लैंडमाइन बरामद की गई थीं, जिन्हें नियंत्रित विस्फोट से नष्ट किया गया था। सेना की बम डिस्पोजल टीम ने दोनों विस्फोटकों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया था।

लैंडमाइन क्यों बह जाती हैं

अधिकारियों के अनुसार, घुसपैठ रोकने की व्यवस्था के तहत एलओसी के फॉरवर्ड एरिया में लैंडमाइन बिछाई जाती हैं। तेज़ बारिश और मौसमी बाढ़ के कारण ये विस्फोटक अपनी मूल स्थिति से खिसककर अन्यत्र बह जाते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में जंगल की आग भी विस्थापित या पुरानी लैंडमाइन में अचानक विस्फोट का कारण बन सकती है। अपनी जगह से हटे हुए ये विस्फोटक सुरक्षाकर्मियों और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं।

आम जनता के लिए चेतावनी

अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों — विशेष रूप से किसानों और मवेशी चराने वाले बच्चों — को सख्त हिदायत दी है कि वे बहकर आई या अनजान धातु की वस्तुओं को छुएं नहीं, उनके पास न जाएं और न ही उन्हें हटाने की कोशिश करें। किसी भी संदिग्ध वस्तु मिलने पर नज़दीकी सुरक्षा चौकी या पुलिस आउटपोस्ट को तुरंत सूचित करने की अपील की गई है। हाल ही में बालाकोट में ज़ीरो लाइन पर आयोजित पुलिस कम्युनिटी पार्टनरशिप ग्रुप (PCPG) की बैठक में ग्रामीणों को संदिग्ध वस्तुओं के सुरक्षित संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर

सीमा पार घुसपैठ के खतरों और विस्फोटकों की तस्करी की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों ने ड्रोन निगरानी और जंगल गश्त को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि पुंछ-मेंढर सेक्टर में पिछले कुछ हफ्तों में लैंडमाइन बरामदगी की यह लगातार दूसरी घटना है, जो इस क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों की गंभीरता को रेखांकित करती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सेना अपनी नियमित गश्त व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह भी उठता है कि सीमावर्ती गाँवों में रहने वाले लोगों को आपात सूचना तंत्र कितना सुलभ है। PCPG बैठकें सराहनीय हैं, परंतु पहाड़ी सीमाक्षेत्र में जागरूकता के लिए एकमुश्त बैठकें पर्याप्त नहीं हैं — निरंतर और स्थानीय भाषा में संवाद ज़रूरी है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुंछ में एलओसी के पास लैंडमाइन कहाँ मिली?
यह लैंडमाइन 8 अक्टूबर 2026 को पुंछ जिले के मेंढर सब-डिविज़न के बालाकोट फॉरवर्ड एरिया में रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान मिली। भारतीय सेना की बम डिस्पोजल टीम ने इसे बिना किसी जनहानि के सुरक्षित नष्ट किया।
एलओसी के पास लैंडमाइन अपनी जगह से क्यों बह जाती हैं?
अधिकारियों के अनुसार, तेज़ बारिश और मौसमी बाढ़ के कारण लैंडमाइन अपनी मूल स्थिति से खिसककर अन्यत्र पहुँच जाती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में जंगल की आग भी विस्थापित विस्फोटकों में अचानक धमाके का कारण बन सकती है।
इससे पहले मेंढर सेक्टर में और लैंडमाइन कब मिली थीं?
5 अक्टूबर 2026 को मेंढर सेक्टर के बसूनी टॉप पर बॉर्डर फेंस के पास दो लैंडमाइन बरामद की गई थीं। बम डिस्पोजल टीम ने उन्हें नियंत्रित विस्फोट के ज़रिये सफलतापूर्वक नष्ट किया।
सीमावर्ती ग्रामीणों को लैंडमाइन मिलने पर क्या करना चाहिए?
अधिकारियों ने स्पष्ट हिदायत दी है कि संदिग्ध या अनजान धातु की वस्तु को छुएं नहीं और उसके पास न जाएं। ऐसी किसी भी वस्तु की सूचना तुरंत नज़दीकी सुरक्षा चौकी या पुलिस आउटपोस्ट को देनी चाहिए।
सेना ने पुंछ सेक्टर में सुरक्षा कैसे बढ़ाई है?
हालिया घटनाओं के बाद सेना ने ड्रोन निगरानी और जंगल गश्त उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दी है और सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। PCPG बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को संदिग्ध वस्तुओं के सुरक्षित संचालन की जानकारी भी दी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले