पुंछ एलओसी पर प्रशिक्षण में ग्रेनेड विस्फोट, सेना के दो जवान घायल
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के फॉरवर्ड एरिया में शुक्रवार, 12 जून को नियमित प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान आकस्मिक ग्रेनेड विस्फोट में भारतीय सेना के दो जवान घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, घायल जवानों को तत्काल पुंछ स्थित 425 आर्मी फील्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, यह विस्फोट एलओसी के अग्रिम क्षेत्र में चल रहे नियमित प्रशिक्षण के दौरान हुआ। फिलहाल दोनों जवानों की स्वास्थ्य स्थिति और हादसे के सटीक कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। सेना की ओर से आधिकारिक बयान जारी होना अभी बाकी है।
एलओसी की भौगोलिक और सुरक्षा स्थिति
जम्मू-कश्मीर में लगभग 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा बारामूला, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, पुंछ, राजौरी और जम्मू जिले के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है। इसके अतिरिक्त, केंद्र शासित प्रदेश में करीब 240 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा भी है, जो सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में स्थित है।
एलओसी की सुरक्षा भारतीय सेना के जिम्मे है, जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) करता है। दोनों सुरक्षा बल घुसपैठ, तस्करी, सीमा पार ड्रोन गतिविधियों और आतंकवादी संगठनों की साजिशों को नाकाम करने के लिए चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं।
ड्रोन खतरा और एंटी-ड्रोन तंत्र
सीमा पार से सक्रिय आतंकवादी संगठन ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद, नकदी और मादक पदार्थ भारतीय क्षेत्र में गिराने की कोशिशें करते रहे हैं, जिन्हें स्थानीय सहयोगियों के माध्यम से आतंकियों तक पहुँचाया जाता है। इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन प्रणाली तैनात की गई है, जिससे ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।
सुरक्षा एजेंसियों का अभियान
इन चुनौतियों के बावजूद सुरक्षा एजेंसियाँ आतंकवादियों, उनके सहयोगियों और उनके नेटवर्क के विरुद्ध निरंतर अभियान चला रही हैं। गौरतलब है कि पुंछ-राजौरी क्षेत्र हाल के वर्षों में आतंकवाद-रोधी अभियानों का सक्रिय केंद्र रहा है। प्रशिक्षण के दौरान हुई इस दुर्घटना की जाँच की जाएगी और सेना से विस्तृत रिपोर्ट आने की उम्मीद है।