10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डिलिमिटेशन बिल के लिए दल-बदल की साजिश, लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है: चरण सिंह सपरा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डिलिमिटेशन बिल के लिए दल-बदल की साजिश, लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है: चरण सिंह सपरा

सारांश

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने BJP पर पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में दल-बदल की राजनीति के ज़रिए डिलिमिटेशन विधेयक पास कराने की साजिश का आरोप लगाया। साथ ही अयोध्या राम मंदिर दान विवाद में एफआईआर न होने पर सरकार पर संरक्षण देने का इल्ज़ाम भी लगाया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने 23 जून को मुंबई में BJP पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल में बागी TMC विधायकों द्वारा ममता बनर्जी की जगह अरूप रॉय को TMC अध्यक्ष चुने जाने को BJP की रणनीति का हिस्सा बताया।
सपरा ने आरोप लगाया कि BJP डिलिमिटेशन विधेयक पास कराने के लिए विपक्षी सांसदों को तोड़ने का प्रयास कर रही है।
अयोध्या राम मंदिर दान विवाद में एफआईआर दर्ज न होने पर एसआईटी गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए; मोहन भागवत की चुप्पी पर भी निशाना साधा।
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' को 'साम, दाम, दंड, भेद' से हासिल सफलता बताया।
महायुति सरकार पर विपक्षी सांसदों और विधायकों के साथ विकास निधि में भेदभाव का आरोप।

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने 23 जून को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर करने का गंभीर आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल में बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायकों द्वारा ममता बनर्जी की जगह अरूप रॉय को TMC अध्यक्ष चुने जाने की घटना को उन्होंने BJP की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया। सपरा ने आरोप लगाया कि डिलिमिटेशन विधेयक पारित कराने के लिए BJP दूसरे दलों के सांसदों को तोड़ने का प्रयास कर रही है।

लोकतंत्र पर हमले का आरोप

सपरा ने कहा कि 'लोकतंत्र की हत्या हो रही है, लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है और लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है।' उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की घटनाएँ उसी सिलसिले की कड़ियाँ हैं जो देश के उन राज्यों में भी देखी जा रही हैं जहाँ BJP सत्ता में है। उन्होंने कहा कि बागी गुट खुद को 'असली पार्टी' बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष के पास जाएगा और स्पीकर के फैसले के बाद मामला न्यायालयों तक पहुँचेगा।

डिलिमिटेशन विधेयक और दल-बदल की रणनीति

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि BJP को डिलिमिटेशन विधेयक पारित कराने के लिए जितने सांसदों की आवश्यकता है, उसे पूरा करने के लिए वह विपक्षी दलों के सांसदों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र को तोड़ा जा रहा है और बाबा साहेब के विचारों का दहन हो रहा है।' यह आरोप ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र निकट है और परिसीमन का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।

अयोध्या राम मंदिर दान विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया

अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान के कथित दुरुपयोग के मामले पर भी सपरा ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि 'यह केवल दान की चोरी का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं पर हमला है।' उन्होंने इस मामले में गठित एसआईटी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि आमतौर पर एसआईटी का गठन एफआईआर दर्ज होने के बाद होता है, लेकिन इस मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। सपरा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए और इसकी निंदा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर दर्ज न होना इस बात का संकेत है कि सरकार किसी को संरक्षण देना चाहती है।

महाराष्ट्र: 'ऑपरेशन टाइगर' पर सवाल

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' को सफल बताए जाने पर सपरा ने कहा कि इस ऑपरेशन में 'साम, दाम, दंड, भेद, सत्ता बल, धनबल और बाहुबल' का पुरजोर उपयोग किया गया, इसीलिए इसे सफल बताया जा रहा है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में दल-बदल की राजनीति पहले भी शिवसेना विभाजन के दौरान सुर्खियों में रही है।

विपक्षी सांसदों के साथ भेदभाव का आरोप

सपरा ने महायुति सरकार पर विपक्षी जनप्रतिनिधियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो सांसद अब सत्ता पक्ष में शामिल हो रहे हैं, वे पहले विपक्ष में रहते हुए यह शिकायत करते थे कि उन्हें क्षेत्रीय विकास निधि का पैसा नहीं मिल रहा। उनके अनुसार, 'महायुति सरकार में सत्ताधारी सांसद और विधायक के लिए एक नियम होता है और विपक्ष के लिए अलग नियम।' आलोचकों का कहना है कि यह प्रवृत्ति भारतीय लोकतंत्र में दल-बदल की संस्कृति को और गहरा कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो किसी एक दल तक सीमित नहीं रही। असली सवाल यह है कि क्या डिलिमिटेशन विधेयक जैसे संवैधानिक महत्व के मुद्दे पर संख्या-बल जुटाने की कोशिश संसदीय मर्यादाओं को कमज़ोर करती है। अयोध्या दान विवाद में एफआईआर से पहले एसआईटी गठन की प्रक्रियागत विसंगति वास्तव में गंभीर है और इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। विपक्षी निधि भेदभाव के आरोप भी तब तक राजनीतिक बयानबाजी ही रहेंगे, जब तक इनकी स्वतंत्र जाँच न हो।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चरण सिंह सपरा ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने BJP पर आरोप लगाया कि वह डिलिमिटेशन विधेयक पास कराने के लिए विपक्षी दलों के सांसदों को तोड़ रही है और पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दल-बदल की राजनीति के ज़रिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर कर रही है।
पश्चिम बंगाल में TMC में क्या हुआ?
पश्चिम बंगाल में बागी TMC विधायकों ने ममता बनर्जी की जगह अरूप रॉय को TMC अध्यक्ष चुन लिया। सपरा के अनुसार, यह बागी गुट अब खुद को 'असली पार्टी' बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष के पास जाएगा और मामला न्यायालयों तक पहुँचेगा।
अयोध्या राम मंदिर दान विवाद में सपरा ने क्या कहा?
सपरा ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले दान का कथित तौर पर दुरुपयोग करोड़ों लोगों की आस्था पर हमला है। उन्होंने एफआईआर दर्ज हुए बिना एसआईटी गठित किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से इस मुद्दे पर बोलने की माँग की।
'ऑपरेशन टाइगर' क्या है और सपरा ने इस पर क्या कहा?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'ऑपरेशन टाइगर' को सफल बताया था। सपरा ने कहा कि यह ऑपरेशन साम, दाम, दंड, भेद, सत्ता बल, धनबल और बाहुबल के ज़रिए सफल बनाया गया, इसलिए इसे लोकतांत्रिक उपलब्धि नहीं माना जा सकता।
महायुति सरकार पर विपक्षी सांसदों के साथ भेदभाव का क्या आरोप है?
सपरा ने आरोप लगाया कि महायुति सरकार सत्ताधारी दल के सांसदों और विधायकों को विकास निधि देती है, जबकि विपक्षी जनप्रतिनिधियों के लिए अलग नियम हैं। उन्होंने कहा कि कई सांसद इसीलिए सत्ता पक्ष में शामिल हो रहे हैं ताकि उन्हें क्षेत्रीय विकास निधि मिल सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले