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राम कृपाल यादव का TMC पर हमला: '80 में से सिर्फ 20 विधायक पहुँचे, ममता की साख खत्म'

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राम कृपाल यादव का TMC पर हमला: '80 में से सिर्फ 20 विधायक पहुँचे, ममता की साख खत्म'

सारांश

बिहार मंत्री राम कृपाल यादव ने TMC को 'डूबती नाव' करार दिया — ममता की बैठक में 80 में से महज 20 विधायकों का पहुँचना उन्होंने नेतृत्व के प्रति खत्म होती आस्था का प्रमाण बताया। साथ ही एसआईआर प्रक्रिया का बचाव किया और राहुल गांधी के CBSE आरोपों को राजनीतिक बताया।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री राम कृपाल यादव ने 1 जून 2026 को पटना में TMC और ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला।
ममता की बैठक में 80 में से सिर्फ 20 विधायक पहुँचे — यादव ने इसे नेतृत्व में आस्था खत्म होने का संकेत बताया।
पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी सरकार के कैबिनेट विस्तार में लगभग 35 लोगों का शपथ ग्रहण होने वाला है।
यादव ने चुनाव आयोग (ECI) की एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी बताया; कहा — अपात्र नाम हटेंगे, पात्र जुड़ेंगे।
राहुल गांधी के CBSE आरोपों को 'राजनीति से प्रेरित' बताया; कहा — सरकार भविष्य में गड़बड़ी रोकने की व्यवस्था करेगी।
कल्याण बनर्जी पर हुए हमले को जनाक्रोश का परिणाम बताया, लेकिन व्यक्तिगत रूप से हिंसा का समर्थन करने से इनकार किया।

बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने 1 जून 2026 को पटना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उसकी नेता ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर नेतृत्व के प्रति आस्था पूरी तरह टूट चुकी है और जनता का आक्रोश अब खुलकर सामने आ रहा है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का बचाव करते हुए चुनाव आयोग की कार्यशैली को पारदर्शी और नियमसम्मत बताया।

ममता बनर्जी की घटती साख

यादव ने कहा कि ममता बनर्जी की विश्वसनीयता में तेज़ गिरावट आई है। उन्होंने एक ठोस उदाहरण देते हुए बताया कि ममता की ओर से बुलाई गई बैठक में 80 विधायकों में से केवल 20 ही उपस्थित हुए। उनके अनुसार, TMC के कार्यकर्ता, सांसद और विधायक — सभी यह मान चुके हैं कि पार्टी में बने रहने से उनका राजनीतिक भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

यादव ने आगे कहा कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पहले मुख्यमंत्री हैं और सुचारू शासन व विकास कार्यों के लिए सहयोगियों की आवश्यकता होती है। इसी क्रम में लगभग 35 लोगों का शपथ ग्रहण होने वाला है।

कल्याण बनर्जी पर हमले और जनाक्रोश

TMC नेता कल्याण बनर्जी पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने कहा कि यह घटना TMC नेताओं के कथित कुकर्मों और भ्रष्टाचार के प्रति जनता के संचित आक्रोश का परिणाम है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के प्रति भी जनता की नाराज़गी का उल्लेख किया। हालाँकि, यादव ने स्पष्ट किया कि वे व्यक्तिगत रूप से इस तरह की हिंसक घटना का समर्थन नहीं करते।

एसआईआर प्रक्रिया और राहुल गांधी पर पलटवार

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए यादव ने कहा कि चुनाव आयोग (ECI) इस प्रक्रिया को पूरी बारीकी और नियमों के अनुसार संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो पात्र मतदाता सूची से छूट गए हैं उन्हें जोड़ा जाएगा और जो अपात्र नाम शामिल हैं उन्हें हटाया जाएगा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) पर लगाए गए आरोपों को यादव ने 'राजनीति से प्रेरित' बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हर विषय को राजनीतिक चश्मे से देखते हैं। केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री इस मामले पर सजग हैं और भविष्य में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।

तेल-गैस की कीमतें और बिहार की उपलब्धियाँ

तेल और गैस की बढ़ती कीमतों पर यादव ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण भारत ईंधन आयात के लिए विदेशों पर निर्भर है और सरकार की इस पर सीमित क्षमता है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार सरकार ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को जर्दालु आम और शाही लीची उपहारस्वरूप भेजी है — ये दोनों उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी निर्यात हो रहे हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक उथल-पुथल तेज़ हो रही है और TMC पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार दबाव बना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और विपक्षी दल अक्सर ऐसे दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। एसआईआर प्रक्रिया का बचाव राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की आपत्तियाँ महज़ राजनीति नहीं — ये संवैधानिक प्रश्न हैं जिन पर बहस ज़रूरी है। कल्याण बनर्जी पर हुए हमले को 'जनाक्रोश' कहना और साथ ही व्यक्तिगत असहमति जताना — यह दोहरापन सत्तारूढ़ दल की जवाबदेही पर सवाल उठाता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम कृपाल यादव ने TMC के बारे में क्या कहा?
बिहार मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि TMC खत्म होने की कगार पर है और ममता बनर्जी की साख घट गई है। उनके अनुसार, ममता की बैठक में 80 विधायकों में से केवल 20 पहुँचे, जो नेतृत्व के प्रति आस्था खत्म होने का प्रमाण है।
एसआईआर प्रक्रिया क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया है, जिसमें अपात्र नाम हटाए जाते हैं और छूटे हुए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जबकि यादव ने इसे पूरी तरह पारदर्शी बताया।
पश्चिम बंगाल कैबिनेट विस्तार में कितने लोग शामिल होंगे?
यादव के अनुसार, पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी सरकार के कैबिनेट विस्तार में लगभग 35 लोगों का शपथ ग्रहण होने वाला है। उन्होंने इसे सुचारू शासन और विकास कार्यों के लिए आवश्यक बताया।
राहुल गांधी के CBSE आरोपों पर BJP का क्या रुख है?
यादव ने राहुल गांधी के CBSE पर लगाए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि राहुल गांधी हर विषय को राजनीतिक नज़रिए से देखते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री इस मामले पर सजग हैं और भविष्य में गड़बड़ी रोकने की व्यवस्था की जाएगी।
कल्याण बनर्जी पर हुए हमले पर यादव ने क्या कहा?
यादव ने कल्याण बनर्जी पर हुए हमले को TMC नेताओं के कथित भ्रष्टाचार और कुकर्मों के प्रति जनाक्रोश का परिणाम बताया। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे व्यक्तिगत रूप से इस तरह की हिंसक घटना का समर्थन नहीं करते।
राष्ट्र प्रेस
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