पश्चिम बंगाल में सुरक्षा की स्थिति पर राम कृपाल यादव की टीएमसी पर कड़ी टिप्पणी
सारांश
Key Takeaways
- राम कृपाल यादव ने टीएमसी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
- लोग पश्चिम बंगाल में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
- तेजस्वी यादव को चुनौती दी गई है कि पार्टी के साधारण कार्यकर्ता भी उन्हें हरा सकते हैं।
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की स्थिति कमजोर होती दिख रही है।
- राज्य में कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंताएँ व्यक्त की गई हैं।
पटना, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने पश्चिम बंगाल के चुनाव के दौरान ममता बनर्जी के वक्तव्य पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने तेजस्वी यादव को भी चुनौती दी है।
राम कृपाल यादव ने गृहमंत्री अमित शाह की पश्चिम बंगाल में सुरक्षा में चूक को लेकर राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कहा, "कानून व्यवस्था राज्य सरकार के अधीन होती है। खासकर जब गृह मंत्री का कोई कार्यक्रम हो, तो उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक अव्यवस्था का संकेत देती है। जनता अब टीएमसी सरकार से थक चुकी है। पश्चिम बंगाल में लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और आतंकवादियों का राज है। इस बार ममता दीदी के हाथों से सत्ता जाने वाली है।"
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर राम कृपाल यादव ने कहा, "लोगों ने पहले ही आशा छोड़ दी है। ममता बनर्जी को यह एहसास हो गया है कि जनता की भावना उनके खिलाफ है। इसलिए वह मतदान का बहिष्कार करने और चुनावी मैदान से पीछे हटने की बात कर रही हैं। जो भी चुनावी मैदान से पीछे हटता है, उसे स्थिति का भान होता है। इस बार टीएमसी की सत्ता से विदाई सुनिश्चित है।"
मंत्री ने आगे कहा, "विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने हमारे उपमुख्यमंत्रियों को चुनौती दी है। मैं उन्हें उत्तर में चुनौती देना चाहता हूं। उपमुख्यमंत्रियों को छोड़िए, हमारी पार्टी का एक सामान्य कार्यकर्ता भी आपको हरा सकता है। आपके पास कोई ठोस तर्क नहीं है, आप निराधार दावों से जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो संभव नहीं है।"
उन्हें यह भी कहना था कि, "एक संवैधानिक पद पर बैठी मुख्यमंत्री आम लोगों के बीच हिंसा जैसी बातें कर रही हैं। यह एक हारे हुए नेता की बौखलाहट का संकेत है, जो अपनी हार को देखते हुए बेतुके बयान दे रही है।"