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दिल्ली के मुकुंदपुर में एलपीजी सिलेंडर विस्फोट से इमारत ढही, 6 घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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दिल्ली के मुकुंदपुर में एलपीजी सिलेंडर विस्फोट से इमारत ढही, 6 घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सारांश

दिल्ली के मुकुंदपुर में मंगलवार सुबह एलपीजी सिलेंडर फटने से 3 मंजिला इमारत मलबे में तब्दील हो गई। 6 लोग घायल, मलबे में और लोगों के फँसे होने की आशंका। यह दिल्ली में हाल के हफ्तों में इमारत गिरने की दूसरी बड़ी घटना है।

मुख्य बातें

मंगलवार, 2 जून को सुबह 9.37 बजे मुकुंदपुर, नई दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर विस्फोट से 3 मंजिला इमारत ढह गई।
दिल्ली पुलिस के अनुसार हादसे में 6 लोग घायल ; चिकित्सीय स्थिति की पुष्टि जाँच के बाद होगी।
दमकल विभाग की 5 गाड़ियाँ मौके पर; खोज-बचाव अभियान जारी।
इमारत में बर्तन पॉलिश का काम होता था; पास की टिन शेड कैंटीन में भी मलबा गिरा, बच्चे भी मौजूद थे।
हाल ही में साकेत के पास इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो चुकी है; मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उस स्थल का दौरा किया था।

नई दिल्ली के भलस्वा डेरी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर इलाके में मंगलवार, 2 जून की सुबह 9 बजकर 37 मिनट पर एक एलपीजी सिलेंडर में जोरदार विस्फोट के बाद एक इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। दिल्ली पुलिस के अनुसार इस हादसे में 6 लोग घायल हुए हैं, जिनकी चिकित्सीय स्थिति डॉक्टरों के परीक्षण के बाद स्पष्ट होगी। दमकल विभाग की 5 गाड़ियाँ मौके पर पहुँच चुकी हैं और खोज-बचाव अभियान तेज़ी से जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

दिल्ली अग्निशमन विभाग ने बताया कि सुबह 9.37 बजे विस्फोट जैसी आवाज़ और इमारत गिरने की सूचना मिलते ही तत्काल 5 दमकल गाड़ियाँ रवाना की गईं। पुलिस के अनुसार जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहाँ बर्तन पॉलिश का काम भी किया जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के वक्त इमारत के पास एक टिन शेड कैंटीन में कुछ लोग — जिनमें बच्चे भी शामिल थे — खाना खा रहे थे, और इमारत के अचानक गिरने से वे मलबे में दब गए।

इमारत की संरचना और निर्माण की स्थिति

जानकारी के अनुसार, यह ग्राउंड-सहित तीन मंजिला इमारत थी और तीसरी मंजिल पर उस समय निर्माण कार्य चल रहा था। विस्फोट के बाद पूरी संरचना ढह गई और पास के टिन शेड पर भी मलबा गिरा। आपातकालीन दलों ने मौके पर पहुँचकर मलबे में फँसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया।

सरकार की प्रतिक्रिया

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक बहुमंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो चुकी है। उस हादसे में मृतकों की पहचान रवि (24), कपिल (28), नलिन राय (23), आलोक, पार्वती (35) और एकता (24) के रूप में हुई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उस घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की थी।

घायलों की स्थिति

मुकुंदपुर हादसे में घायल 6 लोगों को अस्पताल भेजा गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार उनकी वर्तमान स्थिति डॉक्टरों द्वारा चिकित्सा परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। साकेत हादसे के घायलों में क्षितिज प्रताप (25), नीलम यादव (25), अनुज दीक्षित (22), तरुण (25), साइका खान (27), आस्था (26), आदित्य शर्मा (24) और विशाल (25) शामिल थे।

क्या होगा आगे

फिलहाल मलबे में और लोगों के फँसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया गया है। दमकल और पुलिस की संयुक्त टीमें बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं। दिल्ली में हाल के हफ्तों में इमारत गिरने की यह दूसरी बड़ी घटना है, जो शहर में अनधिकृत निर्माण और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ एलपीजी सिलेंडर की मौजूदगी सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी है। असली सवाल यह है कि क्या इस बार प्रशासन केवल राहत-बचाव तक सीमित रहेगा, या अनधिकृत निर्माणों की व्यापक जाँच तक भी पहुँचेगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के मुकुंदपुर में इमारत क्यों गिरी?
दिल्ली अग्निशमन विभाग के अनुसार, मुकुंदपुर में एक एलपीजी सिलेंडर फटने से इमारत ढह गई। विस्फोट इतना तेज़ था कि ग्राउंड-सहित तीन मंजिला इमारत पूरी तरह मलबे में बदल गई।
मुकुंदपुर हादसे में कितने लोग घायल हुए?
दिल्ली पुलिस के अनुसार इस हादसे में 6 लोग घायल हुए हैं। उनकी चिकित्सीय स्थिति डॉक्टरों के परीक्षण के बाद स्पष्ट होगी।
क्या मलबे में अभी भी लोग फँसे हैं?
मलबे में और लोगों के फँसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया गया है। दमकल और पुलिस की संयुक्त टीमें बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं।
क्या दिल्ली में हाल ही में इमारत गिरने की और घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, इससे पहले दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक बहुमंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उस घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की थी।
इमारत में क्या गतिविधियाँ चल रही थीं?
पुलिस के अनुसार इमारत में बर्तन पॉलिश का काम होता था और तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य जारी था। पास की टिन शेड कैंटीन में हादसे के वक्त कुछ लोग और बच्चे मौजूद थे।
राष्ट्र प्रेस
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