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एलएंडटी को दुबई अल मकतूम एयरपोर्ट के लिए ₹5,000 करोड़ का एपीएम सिस्टम ऑर्डर

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एलएंडटी को दुबई अल मकतूम एयरपोर्ट के लिए ₹5,000 करोड़ का एपीएम सिस्टम ऑर्डर

सारांश

भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर दिग्गज एलएंडटी ने दुबई के अल मकतूम एयरपोर्ट — जो भविष्य में दुनिया का सबसे बड़ा हवाईअड्डा बनने की राह पर है — के लिए ₹5,000 करोड़ का एपीएम सिस्टम ऑर्डर जीता है। जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज के साथ यह साझेदारी वैश्विक विमानन बुनियादी ढाँचे में भारतीय इंजीनियरिंग की बढ़ती धमक का प्रमाण है।

मुख्य बातें

लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) को दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए ₹5,000 करोड़ का एपीएम सिस्टम ऑर्डर मिला।
ऑर्डर जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज (एमएचआई) के साथ कंसोर्टियम में हासिल किया गया; एलएंडटी टर्नकी डिलीवरी के लिए जिम्मेदार।
कार्यक्षेत्र में गाइडवे, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और डिपो इक्विपमेंट शामिल।
परियोजना को दुबई एविएशन सिटी कॉर्पोरेशन विकसित कर रहा है।
पूरी तरह विकसित होने पर अल मकतूम की क्षमता 26 करोड़ यात्री और 1.2 करोड़ टन माल प्रतिवर्ष होगी — संभावित रूप से दुनिया का सबसे बड़ा हवाईअड्डा ।

लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने 20 अगस्त 2026 को घोषणा की कि उसे दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में ऑटोमेटेड पीपल मूवर (एपीएम) सिस्टम डिज़ाइन और विकसित करने का ₹5,000 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर कंपनी के ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनेस को प्राप्त हुआ है और इसे जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज (एमएचआई) के साथ एक कंसोर्टियम के तहत हासिल किया गया है।

ऑर्डर का दायरा और जिम्मेदारियाँ

इस डिज़ाइन-एंड-बिल्ड कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत एलएंडटी पूरी तरह से इंटीग्रेटेड एपीएम सिस्टम की टर्नकी डिलीवरी के लिए उत्तरदायी होगी। इसमें निर्माण, आपूर्ति, परीक्षण, कमीशनिंग और परिचालन के लिए तैयार करना शामिल है।

तकनीकी दृष्टि से, एलएंडटी गाइडवे, डीसी ट्रैक्शन सबस्टेशन, पावर डिस्ट्रीब्यूशन, सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन, ऑनबोर्ड कम्युनिकेशन सिस्टम, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और डिपो इक्विपमेंट के डिज़ाइन, खरीद, डिलीवरी और इंटीग्रेशन का कार्य संभालेगी।

एपीएम सिस्टम क्या है

ऑटोमेटेड पीपल मूवर एक चालकरहित (ड्राइवरलेस) परिवहन प्रणाली है, जिसका उपयोग एयरपोर्ट टर्मिनलों और अन्य सुविधाओं के बीच यात्रियों को तेज़ी से आवाजाही कराने के लिए किया जाता है। यह प्रणाली बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों की परिचालन दक्षता के लिए अनिवार्य मानी जाती है।

परियोजना का संदर्भ और महत्व

इस परियोजना को दुबई एविएशन सिटी कॉर्पोरेशन विकसित कर रहा है और इसे दुबई एविएशन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, पूरी तरह विकसित होने के बाद अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दुनिया का सबसे बड़ा हवाईअड्डा बनने की उम्मीद है, जिसकी वार्षिक क्षमता 26 करोड़ यात्री और 1.2 करोड़ टन माल ढोने की होगी।

गौरतलब है कि यह ऑर्डर एयरपोर्ट के दीर्घकालिक, बहु-चरणीय विस्तार कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा है — जो वैश्विक विमानन बुनियादी ढाँचे में भारतीय इंजीनियरिंग कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है।

कंपनी का बयान

एलएंडटी में ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर के एग्जीक्यूटिव वाइस-प्रेसिडेंट और हेड रामकुमार एस ने कहा कि यह परियोजना इंटीग्रेटेड एपीएम रेल सिस्टम को लागू करने में कंपनी की क्षमता को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि एमएचआई के एपीएम सिस्टम अनुभव और एलएंडटी की इंटीग्रेटेड सिस्टम एवं इंजीनियरिंग डिज़ाइन क्षमता के संयोजन से सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा।

आगे की राह

यह ऑर्डर एलएंडटी के अंतरराष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो को और मज़बूत करता है। मध्य-पूर्व में बड़े पैमाने पर जारी विमानन विस्तार को देखते हुए, यह साझेदारी भविष्य के चरणों में भी कंपनी की स्थिति को सुदृढ़ कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह ऑर्डर महज एक कॉन्ट्रैक्ट नहीं, बल्कि भारतीय इंजीनियरिंग कंपनियों की वैश्विक विमानन बुनियादी ढाँचे में बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत है। उल्लेखनीय यह है कि एलएंडटी ने यह ऑर्डर जापान की मित्सुबिशी जैसी तकनीकी रूप से अग्रणी कंपनी के साथ बराबरी के स्तर पर कंसोर्टियम बनाकर जीता — न कि उपठेकेदार के रूप में। अल मकतूम के 'दुनिया के सबसे बड़े हवाईअड्डे' के दावे की असली परीक्षा बहु-चरणीय क्रियान्वयन में होगी, जहाँ समयसीमा और गुणवत्ता मानक दोनों दाँव पर हैं। एलएंडटी के लिए यह परियोजना मध्य-पूर्व में भविष्य के बड़े ऑर्डरों का द्वार खोल सकती है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलएंडटी को दुबई एयरपोर्ट से कितने का ऑर्डर मिला है?
एलएंडटी को दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में एपीएम सिस्टम विकसित करने के लिए ₹5,000 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर कंपनी के ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनेस को प्राप्त हुआ है।
एपीएम सिस्टम क्या होता है और इसका उपयोग कहाँ होता है?
ऑटोमेटेड पीपल मूवर (एपीएम) एक चालकरहित परिवहन प्रणाली है जिसका उपयोग एयरपोर्ट टर्मिनलों और अन्य सुविधाओं के बीच यात्रियों को तेज़ी से आवाजाही कराने के लिए किया जाता है। यह बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों की परिचालन दक्षता के लिए आवश्यक प्रणाली मानी जाती है।
एलएंडटी ने यह ऑर्डर किसके साथ मिलकर जीता है?
एलएंडटी ने यह ऑर्डर जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज (एमएचआई) के साथ एक कंसोर्टियम बनाकर हासिल किया है। इस साझेदारी में एलएंडटी पूरी तरह इंटीग्रेटेड एपीएम सिस्टम की टर्नकी डिलीवरी के लिए उत्तरदायी है।
अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट कितना बड़ा होगा?
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, पूरी तरह विकसित होने के बाद अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया का सबसे बड़ा हवाईअड्डा बनने की उम्मीद है। इसकी वार्षिक क्षमता 26 करोड़ यात्री और 1.2 करोड़ टन माल ढोने की होगी।
इस परियोजना को कौन विकसित कर रहा है?
इस परियोजना को दुबई एविएशन सिटी कॉर्पोरेशन विकसित कर रहा है और इसे दुबई एविएशन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा। यह एयरपोर्ट के दीर्घकालिक, बहु-चरणीय विस्तार कार्यक्रम का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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