20 अगस्त 2026
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एलएंडटी को दुबई अल मकतूम एयरपोर्ट के लिए ₹5,000 करोड़ का एपीएम सिस्टम ऑर्डर, मित्सुबिशी के साथ कंसोर्टियम

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एलएंडटी को दुबई अल मकतूम एयरपोर्ट के लिए ₹5,000 करोड़ का एपीएम सिस्टम ऑर्डर, मित्सुबिशी के साथ कंसोर्टियम

सारांश

भारत की इन्फ्रास्ट्रक्चर दिग्गज एलएंडटी ने दुबई के अल मकतूम एयरपोर्ट के लिए ₹5,000 करोड़ का एपीएम सिस्टम ऑर्डर जीता — जापान की मित्सुबिशी के साथ कंसोर्टियम में। यह एयरपोर्ट भविष्य में दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की राह पर है।

मुख्य बातें

लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) को दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए ₹5,000 करोड़ का एपीएम सिस्टम ऑर्डर मिला।
ऑर्डर जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज (एमएचआई) के साथ कंसोर्टियम में हासिल किया गया; एलएंडटी टर्नकी डिलीवरी के लिए जिम्मेदार।
परियोजना में गाइडवे, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और डिपो इक्विपमेंट का डिज़ाइन, आपूर्ति और इंटीग्रेशन शामिल है।
परियोजना दुबई एविएशन सिटी कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित, दुबई एविएशन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स के ज़रिए क्रियान्वित।
पूरी तरह विकसित होने पर अल मकतूम एयरपोर्ट की क्षमता सालाना 26 करोड़ यात्री और 1.2 करोड़ टन माल ढोने की होगी — दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा।

लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) ने 20 अगस्त 2026 को घोषणा की कि उसे दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में ऑटोमेटेड पीपल मूवर (एपीएम) सिस्टम डिज़ाइन और विकसित करने का ₹5,000 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज (एमएचआई) के साथ गठित एक कंसोर्टियम के ज़रिए हासिल किया गया है, जिसमें एलएंडटी टर्नकी डिलीवरी की प्रमुख जिम्मेदारी निभाएगी।

ऑर्डर का दायरा और जिम्मेदारियाँ

यह ऑर्डर एलएंडटी के ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनेस को मिला है। डिज़ाइन-एंड-बिल्ड कॉन्ट्रैक्ट के तहत, एलएंडटी मुख्य एपीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर और सिस्टम के डिज़ाइन, खरीद, डिलीवरी और इंटीग्रेशन का संपूर्ण काम करेगी। इसमें गाइडवे, डीसी ट्रैक्शन सबस्टेशन, पावर डिस्ट्रीब्यूशन, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन, ऑनबोर्ड कम्युनिकेशन सिस्टम, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और डिपो इक्विपमेंट शामिल हैं।

इसके अलावा, एलएंडटी कंस्ट्रक्शन, आपूर्ति, टेस्टिंग, कमीशनिंग और परिचालन के लिए तैयार करने की पूरी प्रक्रिया भी संभालेगी — यानी यह एक पूर्णतः एकीकृत टर्नकी परियोजना है।

एपीएम सिस्टम क्या होता है

ऑटोमेटेड पीपल मूवर एक चालकरहित (ड्राइवर-लेस) परिवहन प्रणाली है, जिसका उपयोग यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनलों और अन्य सुविधाओं के बीच तेज़ी और सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए किया जाता है। बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यह प्रणाली यात्री अनुभव और परिचालन दक्षता दोनों के लिए अनिवार्य मानी जाती है।

परियोजना की पृष्ठभूमि और महत्व

यह परियोजना दुबई एविएशन सिटी कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित की जा रही है और दुबई एविएशन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह एयरपोर्ट के दीर्घकालिक, बहु-चरणीय विस्तार कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गौरतलब है कि पूरी तरह विकसित होने के बाद अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की उम्मीद है, जिसकी सालाना क्षमता 26 करोड़ यात्री और 1.2 करोड़ टन माल ढोने की होगी।

कंपनी की प्रतिक्रिया

एलएंडटी में ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर के एग्जीक्यूटिव वाइस-प्रेसिडेंट एवं हेड रामकुमार एस ने कहा कि यह परियोजना इंटीग्रेटेड एपीएम रेल सिस्टम को लागू करने में कंपनी की क्षमता को प्रदर्शित करती है। उनके अनुसार, एमएचआई के एपीएम सिस्टम विशेषज्ञता और एलएंडटी के इंटीग्रेटेड सिस्टम अनुभव का संयोजन — जिसे कंपनी की इंजीनियरिंग डिज़ाइन क्षमता का भी समर्थन मिलेगा — सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने में सहायक होगा।

आगे की राह

यह ऑर्डर ऐसे समय में आया है जब एलएंडटी अंतरराष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर बाज़ार में अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रही है। अल मकतूम एयरपोर्ट का यह विस्तार वैश्विक विमानन क्षेत्र की बढ़ती माँग को देखते हुए एक रणनीतिक परियोजना है, और एलएंडटी की इस सफलता से भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को नई पहचान मिलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह ऑर्डर महज एक कॉन्ट्रैक्ट नहीं, बल्कि भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की वैश्विक विश्वसनीयता का प्रमाण है — एक ऐसे क्षेत्र में जहाँ यूरोपीय और पूर्व-एशियाई कंपनियों का वर्चस्व रहा है। एलएंडटी का मित्सुबिशी जैसी जापानी दिग्गज के साथ बराबरी के स्तर पर कंसोर्टियम बनाना दर्शाता है कि भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता अब केवल घरेलू बाज़ार तक सीमित नहीं है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि एलएंडटी बहु-चरणीय, बहु-वर्षीय इस परियोजना को समयसीमा और गुणवत्ता मानकों पर खरा उतारे — क्योंकि अंतरराष्ट्रीय एविएशन परियोजनाओं में देरी की कीमत प्रतिष्ठा और भविष्य के ऑर्डर दोनों में चुकानी पड़ती है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलएंडटी को दुबई एयरपोर्ट से कितने करोड़ का ऑर्डर मिला है?
एलएंडटी को दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए ₹5,000 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज के साथ कंसोर्टियम में हासिल किया गया है।
एपीएम सिस्टम क्या होता है और इसका उपयोग क्यों किया जाता है?
ऑटोमेटेड पीपल मूवर (एपीएम) एक चालकरहित परिवहन प्रणाली है जो एयरपोर्ट टर्मिनलों और अन्य सुविधाओं के बीच यात्रियों को स्वचालित रूप से ले जाती है। यह बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्री अनुभव और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए अनिवार्य मानी जाती है।
अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट कितना बड़ा होगा?
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, पूरी तरह विकसित होने के बाद अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की उम्मीद है। इसकी सालाना क्षमता 26 करोड़ यात्री और 1.2 करोड़ टन माल ढोने की होगी।
इस परियोजना में एलएंडटी की क्या भूमिका है?
एलएंडटी इस परियोजना में पूर्णतः एकीकृत एपीएम सिस्टम की टर्नकी डिलीवरी के लिए जिम्मेदार है। इसमें गाइडवे, डीसी ट्रैक्शन सबस्टेशन, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और डिपो इक्विपमेंट का डिज़ाइन, खरीद, डिलीवरी, इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग शामिल है।
यह परियोजना किसके द्वारा विकसित और क्रियान्वित की जा रही है?
यह परियोजना दुबई एविएशन सिटी कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित की जा रही है और दुबई एविएशन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी। यह एयरपोर्ट के दीर्घकालिक, बहु-चरणीय विस्तार कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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