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क्या मानसून सत्र में लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते स्थगित हो गई?

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क्या मानसून सत्र में लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते स्थगित हो गई?

सारांश

नई दिल्ली, 28 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। मानसून सत्र के पहले सप्ताह के दौरान लोकसभा में फिर से हंगामे की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। बिहार में मतदाता सूची के एसआईआर मुद्दे पर विपक्ष का विरोध सत्र को बाधित कर रहा है।

मुख्य बातें

मानसून सत्र का प्रारंभिक सप्ताह हंगामेदार रहा।
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई।
विपक्ष का मुख्य मुद्दा बिहार में मतदाता सूची का एसआईआर है।
ऑपरेशन सिंदूर पर महत्वपूर्ण चर्चा होनी थी।
कांग्रेस पार्टी ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है।

नई दिल्ली, 28 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। संसद का मानसून सत्र का प्रारंभिक सप्ताह हंगामे के चलते प्रभावित रहने के बाद, सोमवार को भी लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्ष का तीखा विरोध एक बार फिर से सत्र को बाधित कर दिया।

जैसे ही सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही प्रारंभ हुई, विपक्षी सांसदों ने बिहार में एसआईआर से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण कई लोग वोट डालने से वंचित हो सकते हैं। सदन को शांत करने का प्रयास करते हुए स्पीकर ओम बिरला ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कहा कि हंगामा करने वालों को समझाएं कि इन्हें सदन में पर्चे फेंकने और तख्तियां लाने के लिए नहीं भेजा गया है।

बताते चलें कि मानसून सत्र के पहले हफ्ते में कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद, सोमवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होने वाली थी। जानकारी के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का प्रारंभ करने वाले थे। यह 16 घंटे की महत्वपूर्ण बहस होगी, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल होंगे। वे पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के व्यापक प्रभावों पर सरकार का पक्ष रखेंगे। अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे जैसे भाजपा के प्रमुख सांसद भी इस बहस में भाग लेंगे।

विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं के इस बैठक में भाग लेने की संभावना है। कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को अगले तीन दिनों तक सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

मानसून सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही, क्योंकि विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) और अन्य मुद्दों पर कार्यवाही बाधित की।

इसके बाद, 25 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने बताया कि विपक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा शुरू करने के लिए सहमति जताई है, जो सोमवार को लोकसभा में और मंगलवार को राज्यसभा में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना आवश्यक है कि लोकसभा में चल रहे हंगामे का प्रभाव न केवल इस सत्र पर, बल्कि राष्ट्र की राजनीतिक स्थिति पर भी पड़ता है। विपक्ष की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार को संवाद और समझौते के माध्यम से समाधान की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मानसून सत्र में हंगामा होना सामान्य है?
हाँ, मानसून सत्र के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर हंगामा होना सामान्य बात है।
विपक्ष ने किस मुद्दे पर विरोध किया?
विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विरोध किया।
राष्ट्र प्रेस
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