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मध्य प्रदेश में सीएम और नगरीय प्रशासन मंत्री के विवाद से कई जिलों का मास्टर प्लान अटका: उमंग सिंघार

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मध्य प्रदेश में सीएम और नगरीय प्रशासन मंत्री के विवाद से कई जिलों का मास्टर प्लान अटका: उमंग सिंघार

सारांश

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के बीच चल रही लड़ाई के कारण कई जिलों का मास्टर प्लान प्रभावित हुआ है। यह स्थिति नागरिकों के लिए चिंताजनक है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के बीच संघर्ष से मास्टर प्लान प्रभावित हो रहा है।
डेढ़ साल से कई जिलों का मास्टर प्लान रुका हुआ है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बार-बार मांग उठाई है।
इंदौर और भोपाल के लोग अवैध कॉलोनियों से प्रभावित हैं।
राजनीतिक तकरार का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

भोपाल, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच अच्छे संबंध न होने का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इन दोनों के बीच चल रही तकरार के कारण राज्य के कई शहरों के मास्टर प्लान अटके हुए हैं।

वास्तव में, मंगलवार को विधानसभा में भोपाल मेट्रो और मास्टर प्लान पर नगरीय प्रशासन मंत्री ने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मेट्रो की योजना अधिकारियों ने तैयार कर ली है और मास्टर प्लान मुख्यमंत्री के पास है।

नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय के बयान पर संवाददाताओं ने नेता प्रतिपक्ष सिंघार से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि वर्तमान में मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच आंतरिक संघर्ष चल रहा है। यह विधानसभा में स्पष्ट हो गया है। सवाल उठता है कि नगरीय प्रशासन मंत्री को मुख्यमंत्री फ्री हैंड क्यों नहीं देना चाहते। यदि ऐसा नहीं करना चाहते हैं, तो उनसे इस्तीफा ले लें, और अगर उनसे काम लेना चाहते हैं, तो उन्हें फ्री हैंड दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के बीच चल रही लड़ाई के कारण प्रदेश का मास्टर प्लान कई जिलों में रुका हुआ है। डेढ़ साल से मास्टर प्लान रुके हुए हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस कई बार मांग उठा चुकी है।

इंदौर के प्रभारी मंत्री राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव हैं। इंदौर और भोपाल के निवासियों को मास्टर प्लान नहीं मिल पा रहा है। पहले अवैध कॉलोनियां बनाई जाती हैं और बाद में उन्हें वैध किया जाता है। इससे जनता को समस्या का सामना करना पड़ता है। यह इंदौर और भोपाल के लोगों के साथ अन्याय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां दो प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के बीच संघर्ष का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। मास्टर प्लान के अटकने से विकास की योजनाएं बाधित हो रही हैं, जो नागरिकों के लिए चिंता का विषय है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में मास्टर प्लान क्यों अटका है?
उमंग सिंघार के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच संघर्ष के कारण कई शहरों का मास्टर प्लान रुका हुआ है।
यह विवाद आम जनता पर कैसे असर डाल रहा है?
मास्टर प्लान के अटके रहने से विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे नागरिकों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर क्या कहा है?
कांग्रेस पार्टी ने कई बार इस मुद्दे को उठाया है और मास्टर प्लान के शीघ्र कार्यान्वयन की मांग की है।
इंदौर में मास्टर प्लान की स्थिति क्या है?
इंदौर के लोग भी मास्टर प्लान से वंचित हैं, जिससे अवैध कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है।
क्या मुख्यमंत्री को मंत्री को फ्री हैंड देना चाहिए?
यह एक महत्वपूर्ण सवाल है। यदि मुख्यमंत्री मंत्री को फ्री हैंड नहीं देना चाहते, तो उन्हें इस्तीफा लेना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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