महात्मा गांधी नरेगा: केंद्र सरकार ने राज्यों को 17,744 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की
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नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि महात्मा गांधी नरेगा के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के रूप में, मजदूरी घटक में 17,744.19 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा रही है।
उन्होंने राज्यों से निवेदन किया कि वे इन फंड्स का उपयोग समय पर और प्रभावी ढंग से करें, ताकि मजदूरी का भुगतान बिना किसी देरी के किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आवश्यक फंड्स, सामग्री और प्रशासनिक घटकों के तहत भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महात्मा गांधी नरेगा के तहत कार्य जमीनी स्तर पर बिना किसी रुकावट के और निरंतर चलते रहने चाहिए।
शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि मजदूरों को समय पर कार्य उपलब्ध कराना और मजदूरी का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। राज्यों को सलाह दी गई कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी मजदूर रोजगार के लिए इंतजार न करे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रोजगार की मांग करने वाले सभी मजदूरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम दिया जाना चाहिए, और सभी स्तरों पर मजदूरी का भुगतान बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने काम की जगहों के प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता पर भी बल दिया और राज्यों से आग्रह किया कि वे उन योग्य ग्रामीण परिवारों को जॉब कार्ड जारी करने को प्राथमिकता दें, जिन्हें अब तक इसके दायरे में नहीं लाया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इच्छुक परिवारों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी योग्य परिवार आजीविका के अवसरों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय एक महत्वपूर्ण बदलाव का चरण है, जिसमें महात्मा गांधी नरेगा के तहत रोजगार को बनाए रखना आवश्यक है, और साथ ही वीबी-जी राम जी ऐक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां भी करनी हैं।
वीबी-जी राम जी ऐक्ट के बारे में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के मजदूरी वाले रोजगार की कानूनी गारंटी देकर, एक दूरदर्शी और सशक्तीकरण-आधारित ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना है। उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि वे इस कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन को संभव बनाने के लिए सभी प्रारंभिक कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे करें।