ग्रामीण रोजगार गारंटी 125 दिन: 1 जुलाई से लागू नया अधिनियम, शिवराज बोले — कोई श्रमिक काम से वंचित नहीं रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार, 30 जून 2026 को घोषणा की कि विकसित भारत — रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 पूरे ग्रामीण भारत में 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित नहीं रहना चाहिए।
अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ
नए अधिनियम के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार के लिए वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है — यह पिछले ढाँचे की तुलना में 25 अतिरिक्त दिनों का विस्तार है। इस अधिनियम में ग्राम पंचायतों को ग्रामीण विकास का केंद्र बिंदु बनाया गया है।
अधिनियम के अंतर्गत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि एवं संबद्ध कार्यों, ग्रामीण बुनियादी ढाँचे के विकास और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण पर विशेष ज़ोर दिया गया है। तकनीक-आधारित पारदर्शी प्रशासन भी इसकी प्रमुख विशेषता है।
वित्तीय आवंटन और तैयारी
केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अंतरिम रूप से ₹95,692.31 करोड़ आवंटित किए हैं। यह राशि योजना के क्रियान्वयन, समय पर मजदूरी भुगतान और नई व्यवस्था में निर्बाध बदलाव सुनिश्चित करने के लिए दी गई है।
चौहान ने कहा, 'पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं, क्रियान्वयन की पूरी व्यवस्था तैयार है और चल रहे कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहेंगे। 125 दिनों की बढ़ी हुई रोजगार गारंटी ग्रामीण आजीविका को मजबूत करेगी, स्थायी सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण करेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देगी।'
जॉब कार्ड और निरंतरता
जिन जॉब कार्डों का ई-केवाईसी सत्यापन पूरा हो चुका है, वे नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार, इससे श्रमिकों को रोजगार और समय पर मजदूरी मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी। वर्तमान में चल रहे सभी कार्य भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे।
राष्ट्रीय शुभारंभ और आगे का कार्यक्रम
अधिनियम का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के ओबुलावरिपल्ले मंडल स्थित मुक्कावरिपल्ली गाँव में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में लाभार्थी परिवारों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए जाएंगे, मिशन पर आधारित एक जागरूकता फिल्म प्रदर्शित की जाएगी और मिशन पर लिखे लेखों के संकलन का विमोचन भी होगा।
यह अधिनियम विकसित भारत — 2047 के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण आजीविका को संस्थागत आधार देने की केंद्र सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।