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ग्रामीण रोजगार गारंटी 125 दिन: 1 जुलाई से लागू नया अधिनियम, शिवराज बोले — कोई श्रमिक काम से वंचित नहीं रहेगा

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ग्रामीण रोजगार गारंटी 125 दिन: 1 जुलाई से लागू नया अधिनियम, शिवराज बोले — कोई श्रमिक काम से वंचित नहीं रहेगा

सारांश

1 जुलाई 2026 से लागू हो रहे नए ग्रामीण रोजगार अधिनियम ने गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी है। ₹95,692 करोड़ के आवंटन के साथ शिवराज सिंह चौहान ने कहा — कोई पात्र श्रमिक एक दिन भी काम से नहीं चूकेगा। 2 जुलाई को तिरुपति से होगा राष्ट्रीय शुभारंभ।

मुख्य बातें

विकसित भारत — रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 पूरे ग्रामीण भारत में 1 जुलाई 2026 से लागू।
रोजगार गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन प्रति पात्र परिवार प्रति वर्ष।
केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अंतरिम रूप से ₹95,692.31 करोड़ आवंटित किए।
ई-केवाईसी सत्यापित जॉब कार्ड नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे।
राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के मुक्कावरिपल्ली गाँव, तिरुपति जिले से।
अधिनियम में ग्राम पंचायतों , जल संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और तकनीक-आधारित पारदर्शिता पर विशेष जोर।

केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार, 30 जून 2026 को घोषणा की कि विकसित भारत — रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 पूरे ग्रामीण भारत में 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित नहीं रहना चाहिए।

अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ

नए अधिनियम के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार के लिए वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है — यह पिछले ढाँचे की तुलना में 25 अतिरिक्त दिनों का विस्तार है। इस अधिनियम में ग्राम पंचायतों को ग्रामीण विकास का केंद्र बिंदु बनाया गया है।

अधिनियम के अंतर्गत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि एवं संबद्ध कार्यों, ग्रामीण बुनियादी ढाँचे के विकास और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण पर विशेष ज़ोर दिया गया है। तकनीक-आधारित पारदर्शी प्रशासन भी इसकी प्रमुख विशेषता है।

वित्तीय आवंटन और तैयारी

केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अंतरिम रूप से ₹95,692.31 करोड़ आवंटित किए हैं। यह राशि योजना के क्रियान्वयन, समय पर मजदूरी भुगतान और नई व्यवस्था में निर्बाध बदलाव सुनिश्चित करने के लिए दी गई है।

चौहान ने कहा, 'पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं, क्रियान्वयन की पूरी व्यवस्था तैयार है और चल रहे कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहेंगे। 125 दिनों की बढ़ी हुई रोजगार गारंटी ग्रामीण आजीविका को मजबूत करेगी, स्थायी सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण करेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देगी।'

जॉब कार्ड और निरंतरता

जिन जॉब कार्डों का ई-केवाईसी सत्यापन पूरा हो चुका है, वे नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार, इससे श्रमिकों को रोजगार और समय पर मजदूरी मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी। वर्तमान में चल रहे सभी कार्य भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे।

राष्ट्रीय शुभारंभ और आगे का कार्यक्रम

अधिनियम का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के ओबुलावरिपल्ले मंडल स्थित मुक्कावरिपल्ली गाँव में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में लाभार्थी परिवारों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए जाएंगे, मिशन पर आधारित एक जागरूकता फिल्म प्रदर्शित की जाएगी और मिशन पर लिखे लेखों के संकलन का विमोचन भी होगा।

यह अधिनियम विकसित भारत — 2047 के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण आजीविका को संस्थागत आधार देने की केंद्र सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

692 करोड़ का अग्रिम आवंटन संकेत देता है कि केंद्र सरकार ग्रामीण आजीविका को राजनीतिक प्राथमिकता में रख रही है — खासकर तब जब कई राज्यों में ग्रामीण बेरोजगारी के आँकड़े दबाव में हैं। लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी: पिछले ढाँचे में मजदूरी भुगतान में देरी और जॉब कार्ड में अनियमितताएँ लगातार चिंता का विषय रही हैं। नया अधिनियम तकनीक-आधारित पारदर्शिता का वादा करता है, लेकिन ग्राम पंचायत स्तर पर क्षमता और डिजिटल बुनियादी ढाँचे की कमी इसे ज़मीन पर उतारने की सबसे बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2025 क्या है?
यह केंद्र सरकार का नया अधिनियम है जो 1 जुलाई 2026 से पूरे ग्रामीण भारत में लागू होगा और प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी देता है। यह पहले की 100 दिनों की गारंटी का विस्तार है और विकसित भारत — 2047 के लक्ष्य से जुड़ा है।
नई योजना में रोजगार की गारंटी कितने दिनों की है?
नए अधिनियम के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई है, जो पहले की 100 दिनों की सीमा से 25 दिन अधिक है।
केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए कितनी राशि आवंटित की है?
केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अंतरिम रूप से ₹95,692.31 करोड़ आवंटित किए हैं, ताकि क्रियान्वयन, समय पर मजदूरी भुगतान और नई व्यवस्था में निर्बाध परिवर्तन सुनिश्चित हो सके।
मौजूदा जॉब कार्ड धारकों का क्या होगा?
जिन जॉब कार्डों का ई-केवाईसी सत्यापन पूरा हो चुका है, वे नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे। इससे श्रमिकों के रोजगार और मजदूरी भुगतान में कोई बाधा नहीं आएगी।
अधिनियम का राष्ट्रीय शुभारंभ कब और कहाँ होगा?
राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के ओबुलावरिपल्ले मंडल स्थित मुक्कावरिपल्ली गाँव में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में लाभार्थियों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित होंगे और मिशन पर जागरूकता फिल्म भी दिखाई जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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