16 अगस्त 2026
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गदग रेप-गैरकानूनी गर्भपात कांड: डॉक्टर-नर्स समेत सात गिरफ्तार, मानसिक रूप से कमज़ोर पीड़िता को दी गई थीं 10 गोलियाँ

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गदग रेप-गैरकानूनी गर्भपात कांड: डॉक्टर-नर्स समेत सात गिरफ्तार, मानसिक रूप से कमज़ोर पीड़िता को दी गई थीं 10 गोलियाँ

सारांश

कर्नाटक के गदग में एक मानसिक रूप से कमज़ोर महिला के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और गैरकानूनी गर्भपात के मामले में पुलिस ने डॉक्टर और नर्स समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया। पीड़िता को बिना प्रिस्क्रिप्शन की 10 गोलियाँ खिलाकर गर्भ खत्म कराया गया। एसडीपीआई नेता पर मामला दबाने के आरोप भी जाँच के दायरे में।

मुख्य बातें

कर्नाटक पुलिस ने 15 अगस्त को गदग जिले में मानसिक रूप से कमज़ोर महिला के कथित रेप और गैरकानूनी गर्भपात मामले में सात आरोपी गिरफ्तार किए।
गिरफ्तार आरोपियों में डॉक्टर नागराज कामतरा (बेलाट्टी गाँव) और स्टाफ नर्स रेखा शिराहट्टी (शिगली सरकारी अस्पताल) शामिल हैं।
पीड़िता को कथित तौर पर 10 गोलियाँ खिलाकर गैरकानूनी तरीके से गर्भपात कराया गया।
पुलिस उस मेडिकल शॉप मालिक की तलाश कर रही है जिसने बिना प्रिस्क्रिप्शन गर्भपात की गोलियाँ बेचीं।
पीड़िता के परिवार ने एक एसडीपीआई नेता पर मामला दबाने का आरोप लगाया है; जाँच जारी।
पुलिस अधीक्षक रोहन जगदीश ने चेतावनी दी कि समझौता कराने की कोशिश करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।

कर्नाटक पुलिस ने शनिवार, 15 अगस्त को गदग जिले में एक मानसिक रूप से कमज़ोर महिला के साथ कथित सामूहिक यौन शोषण और उसके बाद कराए गए गैरकानूनी गर्भपात के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में लक्ष्मेश्वर तालुक के बेलाट्टी गाँव के एक डॉक्टर और शिगली सरकारी अस्पताल की एक स्टाफ नर्स भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता के परिवार को धमकाने और पैसे देकर मामला दबाने की भी कोशिश की।

कौन हैं सातों आरोपी

पुलिस ने जिन सात लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सिकंदर बेपारी, शब्बीर अहमद लंगोटी उर्फ जूना साहब, प्रदीप नवालेकर, भरत कोरावारा, संदीप, डॉक्टर नागराज कामतरा (बेलाट्टी गाँव, लक्ष्मेश्वर तालुक) और रेखा शिराहट्टी (स्टाफ नर्स, शिगली सरकारी अस्पताल) के रूप में की गई है।

पुलिस के मुताबिक, सिकंदर, शब्बीर अहमद, प्रदीप और भरत ने पीड़िता को एक सुनसान स्थान पर बुलाकर लंबे समय तक उसका बार-बार यौन शोषण किया।

गर्भपात का तरीका और चिकित्सीय लापरवाही

जाँच में सामने आया कि जब पीड़िता गर्भवती हो गई और उसके परिवार को इसकी जानकारी मिली, तो आरोपियों ने मामले को छुपाने के लिए डॉक्टर नागराज कामतरा और नर्स रेखा शिराहट्टी की मिलीभगत से गैरकानूनी गर्भपात करवाया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता को 10 गोलियाँ खिलाई गईं, जिसके बाद गर्भ समाप्त हो गया। संदीप भी इस प्रक्रिया में शामिल था।

पुलिस अब उस मेडिकल शॉप के मालिक की भी तलाश कर रही है, जिसने कथित तौर पर बिना किसी प्रिस्क्रिप्शन के गर्भपात की गोलियाँ बेचीं।

राजनीतिक संरक्षण के आरोप और जाँच का दायरा

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानीय सामुदायिक नेताओं और एक एसडीपीआई नेता ने गैरकानूनी गर्भपात कराने और आरोपियों को बचाने की कोशिश की। पुलिस ने पुष्टि की है कि इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से पड़ताल की जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर जनमानस में गहरी चिंता है। गौरतलब है कि मानसिक रूप से कमज़ोर व्यक्तियों के खिलाफ यौन अपराध भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो-सदृश विशेष प्रावधानों के तहत और अधिक गंभीर श्रेणी में आते हैं।

पुलिस अधीक्षक की कड़ी चेतावनी

गदग के पुलिस अधीक्षक रोहन जगदीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति को उसके पद या रसूख की परवाह किए बिना नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग पीड़िता के परिवार और आरोपियों के बीच समझौता कराने या मामले को दबाने का प्रयास करेंगे, उनके विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगे क्या होगा

पुलिस जाँच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। मेडिकल शॉप मालिक की गिरफ्तारी और एसडीपीआई नेता से जुड़े आरोपों की जाँच इस मामले के अगले अहम पड़ाव होंगे। यह देखना होगा कि क्या जाँच का दायरा और व्यापक होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह दर्शाएगा कि सामुदायिक राजनीति किस हद तक न्याय की राह में रोड़ा बन सकती है। पुलिस अधीक्षक की सख्त भाषा उत्साहजनक है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या जाँच राजनीतिक दबाव के बावजूद अपना दायरा बनाए रखती है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गदग रेप और गैरकानूनी गर्भपात मामला क्या है?
कर्नाटक के गदग जिले में एक मानसिक रूप से कमज़ोर महिला के साथ कई आरोपियों ने कथित तौर पर लंबे समय तक यौन शोषण किया। जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो आरोपियों ने एक डॉक्टर और नर्स की मदद से गैरकानूनी तरीके से गर्भपात करवाया और परिवार को धमकाकर मामला दबाने की कोशिश की।
इस मामले में किन-किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है — सिकंदर बेपारी, शब्बीर अहमद लंगोटी उर्फ जूना साहब, प्रदीप नवालेकर, भरत कोरावारा, संदीप, डॉक्टर नागराज कामतरा और स्टाफ नर्स रेखा शिराहट्टी। इनमें से चार पर यौन शोषण का और दो चिकित्साकर्मियों पर गैरकानूनी गर्भपात कराने का आरोप है।
गैरकानूनी गर्भपात किस तरह कराया गया?
पुलिस के अनुसार, पीड़िता को 10 गोलियाँ खिलाई गईं जिससे गर्भ समाप्त हो गया। ये गोलियाँ कथित तौर पर एक मेडिकल शॉप से बिना प्रिस्क्रिप्शन के खरीदी गई थीं; उस दुकान के मालिक की अभी भी तलाश जारी है।
एसडीपीआई नेता का इस मामले से क्या संबंध बताया जा रहा है?
पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानीय सामुदायिक नेताओं और एक एसडीपीआई नेता ने आरोपियों को बचाने और मामला दबाने की कोशिश की। पुलिस ने पुष्टि की है कि इन आरोपों की भी जाँच की जा रही है, हालाँकि अभी तक इस संदर्भ में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होने की उम्मीद है?
गदग के पुलिस अधीक्षक रोहन जगदीश ने कहा है कि मामले से जुड़े हर व्यक्ति पर कार्रवाई होगी। मेडिकल शॉप मालिक की गिरफ्तारी, एसडीपीआई नेता से जुड़े आरोपों की जाँच और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान अगले कदम हैं।
राष्ट्र प्रेस
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