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अक्षय तृतीया पर मुंबादेवी मंदिर में आम महोत्सव का आयोजन, आमों से सजाई गई मां की मूर्ति

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अक्षय तृतीया पर मुंबादेवी मंदिर में आम महोत्सव का आयोजन, आमों से सजाई गई मां की मूर्ति

सारांश

अक्षय तृतीया के अवसर पर मुंबादेवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आम महोत्सव का आनंद ले रही है। यहां आमों से मां का भव्य शृंगार किया गया है। जानें इस खास दिन की विशेषताएं।

मुख्य बातें

अक्षय तृतीया के दिन मुंबादेवी मंदिर में आम महोत्सव का आयोजन होता है।
महाराष्ट्र में आम की फसल सबसे अधिक होती है।
हापुस आम विश्वभर में प्रसिद्ध है।
भक्त दूर-दूर से मां के दर्शन करने आते हैं।
मंदिर की स्थापना मछुआरों ने की थी।

मुंबई, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर देशभर के मंदिरों में भक्तों की विशाल भीड़ दर्शन के लिए एकत्र हो रही है।

उत्तर से दक्षिण भारत तक, भगवान विष्णु और नरसिंह भगवान को चंदन का लेप लगाकर ठंडक दी जा रही है, वहीं मुंबई के प्रसिद्ध मुंबादेवी मंदिर में आम महोत्सव को श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष भी मुंबादेवी मंदिर में आम महोत्सव का आयोजन किया गया है।

मुंबादेवी मंदिर के व्यवस्थापक हेमंत जाधव ने बताया कि महाराष्ट्र में आम की सबसे अधिक फसल होती है। यहाँ का हापुस आम विश्वभर में प्रसिद्ध है। मुंबादेवी, महाराष्ट्र के लोगों की कुल देवी मानी जाती हैं। इस दिन आम उत्पादन करने वाले किसान अपने बगीचों के आमों को देवी के चरणों में अर्पित करते हैं। किसानों, व्यापारियों और भक्तों द्वारा लाए गए आमों से मां का शृंगार किया जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि आम का निर्यात करने वाले व्यापारी भी अपने व्यापार की सफलता के लिए मां के चरणों में प्रार्थना करते हैं। इस दिन बड़ी संख्या में देवी भक्त आम महोत्सव का दर्शन कर अपने आप को भाग्यशाली मानते हैं।

मुंबादेवी के नाम पर ही मुंबई का नाम रखा गया था। मां को मुंबई की रक्षिका के रूप में पूजा जाता है। पहले यह मंदिर 1737 में मेंजिस नामक स्थान पर बना था, लेकिन बाद में अंग्रेजों के शासन में इसे मरीन लाइन्स-पूर्व क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया। मंदिर को चार सौ साल से अधिक पुराना माना जाता है। मान्यता है कि मां की स्थापना मछुआरों ने की थी। यह भी मानते हैं कि मां के दर्शन मात्र से भक्त की सभी परेशानियों का समाधान हो जाता है और उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि भक्त दूर-दूर से मां के दर्शन के लिए आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह कृषि और संस्कृति के सामंजस्य का भी प्रतीक है। भक्तों की भारी भीड़ इस बात को दर्शाती है कि स्थानीय परंपराएं और आस्था आज भी लोगों में जीवित हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्षय तृतीया क्या है?
अक्षय तृतीया एक पवित्र तिथि है, जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस दिन विशेष पूजा और दान का महत्व होता है।
मुंबादेवी मंदिर कहाँ स्थित है?
मुंबादेवी मंदिर मुंबई के भुलेश्वर क्षेत्र में स्थित है और यह शहर की कुल देवी मानी जाती हैं।
आम महोत्सव का क्या महत्व है?
आम महोत्सव का आयोजन विशेष रूप से किसानों द्वारा किया जाता है, जो अपने उत्पादित आमों को देवी के चरणों में अर्पित करते हैं।
क्या आम महोत्सव में कोई विशेष परंपरा है?
इस महोत्सव में आमों से मां का शृंगार किया जाता है और भक्तजन बड़ी श्रद्धा से आम अर्पित करते हैं।
मुंबादेवी क्या करती हैं?
मुंबादेवी को मुंबई के समुद्र और पूरे शहर की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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