बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़, अक्षय तृतीया पर चरण दर्शन का विशेष आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
मथुरा, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन भक्तों को साल में एक बार बांके बिहारी के दिव्य चरणों के दर्शन करने का अवसर मिलता है।
हर वर्ष अक्षय तृतीया के मौके पर चरण दर्शन आयोजित होते हैं, लेकिन इस साल वृंदावन में उदया तिथि के अनुसार सोमवार को यह पर्व मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ी।
रीवा से आए एक श्रद्धालु ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "बिहारी जी के चरणों का दर्शन कर दिल को अत्यंत सुकून मिला, ऐसा प्रतीत हुआ जैसे बिहारी जी स्वयं धरती पर उपस्थित हैं। इतनी सुंदरता से चरण दर्शन ने मन को बहुत आनंदित किया। रीवा मथुरा से काफी दूर है, फिर भी जब भी अवसर मिलता है, मैं बिहारी जी के दर्शन के लिए अवश्य आती हूं।"
मंदिर के प्रबंधन की चर्चा करते हुए महिला श्रद्धालु ने बताया कि अक्षय तृतीया के कारण यहां भीड़ अधिक है, लेकिन मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए रेलिंग लगाई है, जिससे सभी भक्तों को अच्छे से दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।
जबलपुर से आए एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि वे हर साल अक्षय तृतीया पर बिहारी जी के चरण दर्शन के लिए आते हैं, क्योंकि इस दिन दर्शन करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि वे अपने पूरे परिवार के साथ दर्शन के लिए आए हैं।
ज्ञात रहे कि देश के अधिकांश हिस्सों में अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को मनाया गया, लेकिन वृंदावन में उदया तिथि के अनुसार चरण दर्शन का आयोजन आज किया गया। अक्षय तृतीया का मुहूर्त तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे शुरू हुआ और यह सोमवार सुबह, यानी 20 अप्रैल, सुबह 7:27 बजे तक जारी रहा। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए बांके बिहारी जी मंदिर में आज चरण दर्शन आयोजित किए गए।