11 अगस्त 2026
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बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़, अक्षय तृतीया पर चरण दर्शन का विशेष आयोजन

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बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़, अक्षय तृतीया पर चरण दर्शन का विशेष आयोजन

सारांश

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में अक्षय तृतीया के पर्व पर भक्तों की विशाल भीड़ उमड़ी। इस दिन दिव्य चरणों का दर्शन एक अद्भुत अनुभव है। जानें श्रद्धालुओं के अनुभव और मंदिर की व्यवस्था के बारे में।

मुख्य बातें

अक्षय तृतीया का दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
बांके बिहारी जी के चरण दर्शन साल में एक बार होते हैं।
मंदिर में भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।
दर्शन करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
भक्तों के अनुभव अत्यंत सकारात्मक रहते हैं।

मथुरा, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन भक्तों को साल में एक बार बांके बिहारी के दिव्य चरणों के दर्शन करने का अवसर मिलता है।

हर वर्ष अक्षय तृतीया के मौके पर चरण दर्शन आयोजित होते हैं, लेकिन इस साल वृंदावन में उदया तिथि के अनुसार सोमवार को यह पर्व मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ी।

रीवा से आए एक श्रद्धालु ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "बिहारी जी के चरणों का दर्शन कर दिल को अत्यंत सुकून मिला, ऐसा प्रतीत हुआ जैसे बिहारी जी स्वयं धरती पर उपस्थित हैं। इतनी सुंदरता से चरण दर्शन ने मन को बहुत आनंदित किया। रीवा मथुरा से काफी दूर है, फिर भी जब भी अवसर मिलता है, मैं बिहारी जी के दर्शन के लिए अवश्य आती हूं।"

मंदिर के प्रबंधन की चर्चा करते हुए महिला श्रद्धालु ने बताया कि अक्षय तृतीया के कारण यहां भीड़ अधिक है, लेकिन मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए रेलिंग लगाई है, जिससे सभी भक्तों को अच्छे से दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।

जबलपुर से आए एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि वे हर साल अक्षय तृतीया पर बिहारी जी के चरण दर्शन के लिए आते हैं, क्योंकि इस दिन दर्शन करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि वे अपने पूरे परिवार के साथ दर्शन के लिए आए हैं।

ज्ञात रहे कि देश के अधिकांश हिस्सों में अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को मनाया गया, लेकिन वृंदावन में उदया तिथि के अनुसार चरण दर्शन का आयोजन आज किया गया। अक्षय तृतीया का मुहूर्त तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे शुरू हुआ और यह सोमवार सुबह, यानी 20 अप्रैल, सुबह 7:27 बजे तक जारी रहा। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए बांके बिहारी जी मंदिर में आज चरण दर्शन आयोजित किए गए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्षय तृतीया का महत्व क्या है?
अक्षय तृतीया का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
बांके बिहारी मंदिर कब स्थित है?
बांके बिहारी मंदिर उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित है।
चरण दर्शन कब होते हैं?
चरण दर्शन हर साल अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित होते हैं।
बांके बिहारी जी के दर्शन करने का अनुभव कैसा होता है?
भक्तों का कहना है कि बांके बिहारी के चरणों का दर्शन करने से उन्हें अद्भुत शांति और सुकून मिलता है।
मंदिर प्रशासन द्वारा भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाता है?
मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए रेलिंग लगाई है, जिससे दर्शन में आसानी होती है।
राष्ट्र प्रेस
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