चैत्र अष्टमी और रामनवमी के अवसर पर भक्तों की उमड़ी भीड़, देवी और राम मंदिरों में उत्सव का माहौल

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चैत्र अष्टमी और रामनवमी के अवसर पर भक्तों की उमड़ी भीड़, देवी और राम मंदिरों में उत्सव का माहौल

सारांश

चैत्र नवरात्रि की अष्ठमी और रामनवमी के अवसर पर देशभर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। देवी मंदिरों और राम मंदिरों में धूमधाम से उत्सव मनाया जा रहा है। जानें इस खास मौके पर क्या हो रहा है।

मुख्य बातें

चैत्र अष्टमी और रामनवमी पर भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
मां मुंबा देवी और मां नैना देवी के मंदिरों में विशेष पूजा हो रही है।
पुणे के राम मंदिर में 11 दिन का उत्सव मनाया जा रहा है।
जैसलमेर में भव्य राम नवमी जुलूस निकाला जा रहा है।
इन उत्सवों से धार्मिक और सामाजिक एकता को बल मिलता है।

नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्रि की अष्ठमी के अवसर पर गुरुवार को देवी मंदिरों और रामनवमी के मौके पर राम मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की विशाल भीड़ देखी जा रही है।

भक्त कन्या पूजन कर मां भगवती के दर्शन के लिए आ रहे हैं, वहीं कई स्थानों पर रामनवमी का उत्सव भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। पुणे के तुलशीबाग क्षेत्र में स्थित राम मंदिर में भव्यता के साथ राम जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर में दोपहर बाद से ही जन्मोत्सव प्रारंभ हो चुका है।

अब बात करते हैं महाराष्ट्र की रक्षक मां मुंबा देवी की। चैत्र नवरात्रि की अष्ठमी के दिन मां के मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। इस दिन मां का दिव्य शृंगार किया जा रहा है। एक भक्त ने बताया कि मां मुंबा मुंबई की देवी हैं, और यहां जो कुछ भी होता है, वह मां मुंबा की आज्ञा से ही होता है। कहा जाता है कि मां के दर पर दर्शन करने वाले भक्त की जिंदगी संवर जाती है।

उन्हें ये भी बताया कि हर साल नवरात्रि के दौरान मां का विशेष शृंगार किया जाता है। मां मुंबा देवी के पुजारी ने कहा कि मां के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। हमारी यही प्रार्थना है कि सभी भक्तों की इच्छाएं पूरी हों और मुंबई का विकास और देश पर आने वाले संकट दूर हों। मां मुंबा पूरे देश की रक्षा करें।

अष्टमी और नवमी के संदर्भ में पुजारी ने कहा कि नवमी के दिन मंदिर में विशेष हवन आयोजित किया जाएगा, जो शुक्रवार की सुबह किया जाएगा। हालांकि नवमी तिथि दोपहर बाद से लग चुकी है, लेकिन उदया तिथि के अनुसार मंदिर में सुबह नवमी का हवन किया जाएगा।

उत्तराखंड के शक्तिपीठ मां नैना देवी मंदिर में अष्टमी के दिन भक्त विशेष पूजा-पाठ के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर में सुख-समृद्धि और कष्ट निवारण के लिए पूजन किया जा रहा है। कुछ भक्त कन्या पूजन के लिए दान के लिए भी आए हैं। एक भक्त ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "नैनीताल का अस्तित्व मां नैना देवी से है, जिनके आशीर्वाद से हमारा और हमारे बच्चों का जीवन बसर हो रहा है। हम सभी के लिए प्रार्थना करते हैं कि मां सबके जीवन की रक्षा करें।"

पुणे के तुलशीबाग स्थित राम मंदिर में पिछले 265 वर्षों से राम जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर में 11 दिन तक चलने वाले उत्सव की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें 140 फुट लंबे कलश की स्थापना की गई है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि गुरुवार से लेकर एकादशी तक उत्सव चलेगा और यह 11 दिन तक जारी रहेगा। सभी धर्मों के लोग यहाँ पूजा-पाठ कर सकते हैं।

जैसलमेर में राम नवमी उत्सव समिति के बैनर तले भव्य श्री राम नवमी जुलूस निकाला जा रहा है। इसमें श्री राम के बाल स्वरूप को रथ पर बैठाकर नगर में घुमाया जा रहा है और इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। जुलूस की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां लोग एकत्र होकर अपने विश्वास को व्यक्त करते हैं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चैत्र अष्टमी कब मनाई जाती है?
चैत्र अष्टमी चैत्र नवरात्रि के दौरान मनाई जाती है, जो इस साल 26 मार्च को थी।
रामनवमी का महत्व क्या है?
रामनवमी भगवान राम के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है, जो Hindu धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मां मुंबा देवी का मंदिर कहाँ है?
मां मुंबा देवी का मंदिर मुंबई में स्थित है।
उत्तराखंड में कौन सा प्रमुख शक्तिपीठ है?
उत्तराखंड में प्रमुख शक्तिपीठ मां नैना देवी का मंदिर है।
जैसलमेर में राम नवमी का जुलूस कब निकलता है?
जैसलमेर में राम नवमी का जुलूस राम नवमी के दिन आयोजित किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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