नवरात्रि में मां बगलामुखी और नैना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, 'जय माता दी' के जयकारों से गूंजा माहौल
सारांश
Key Takeaways
- चैत्र नवरात्रि का पर्व भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
- मां बगलामुखी और नैना देवी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं।
- हवन करने से नकारात्मकता दूर होती है।
- मंदिर प्रशासन ने भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
- भक्तों में आस्था और भक्ति का संचार है।
आगर-मालवा/बिलासपुर, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्रि का आरंभ होते ही देशभर में देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। भक्त ब्रह्म मुहूर्त से ही माता रानी के दिव्य दर्शन के लिए लाईनों में खड़े हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश के नलखेड़ा में स्थित मां बगलामुखी का दरबार में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए कई घंटों तक इंतजार करते हुए देखा गया। भक्त इस अवसर पर जगत जननी के दर्शन से अति खुश नजर आ रहे हैं।
आगर मालवा के मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन करने आई एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वे हर वर्ष नवरात्रि में मां बगलामुखी के दर्शन के लिए आती हैं और इस बार पहले नवरात्र के पहले दिन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां का हवन करने से जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और कई भक्त विशेष रूप से नवरात्रि में हवन कराने के लिए आते हैं। वे पिछले 15 वर्षों से मंदिर में दर्शन के लिए आ रही हैं।
एक अन्य भक्त ने कहा कि वे 20 साल से हर साल नवरात्रि पर मां बगलामुखी के दर्शन के लिए आते हैं और हवन अवश्य कराते हैं। यहां का हवन न केवल मन को शांति देता है, बल्कि जीवन की समस्याओं का नाश भी करता है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में भी भक्तों की बड़ी संख्या देखने को मिली। भक्त अपनी मुरादें पूरी करने के लिए मां के दरबार में लाल चुनरी और नारियल लेकर पहुंचे। इस अवसर पर मां की ज्योति को आरती के बाद मंदिर में घुमाया गया। मंदिर प्रशासन और जिला मजिस्ट्रेट ने श्रद्धालुओं के सुलभ दर्शन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए जिला मजिस्ट्रेट राहुल कुमार ने कहा, "आज हमने अपने सभी अधिकारियों और गैर-सरकारी सदस्यों के साथ एक बैठक की। कानून व्यवस्था और यातायात से जुड़े प्रमुख मुद्दों का समाधान किया गया है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए गए हैं, कमान एवं नियंत्रण केंद्र पूरी तरह से कार्यरत है और विभिन्न स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं अंतिम रूप में हैं। श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। हर तरह की समस्याओं का समाधान करने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।"