क्या मध्य प्रदेश में यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल उज्जैन में योग केंद्र स्थापित करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल उज्जैन में योग केंद्र स्थापित करने जा रहा है।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने योग के वैश्विक प्रसार की सराहना की।
- 2027 में कालिदास अकादमी में एक अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन आयोजित होगा।
- राज्य ने हरित ऊर्जा को विकास की मुख्य धारा में शामिल किया है।
- नवीन ऊर्जा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की उपलब्धियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा की जा सकती हैं।
भोपाल, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दावोस में चल रहे वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा के दौरान, यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल ने उज्जैन में एक स्थाई योग केंद्र स्थापित करने की इच्छा जताई है।
राज्य सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल के प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। इस बैठक में योग के वैश्विक प्रसार और आश्रमों तथा योग केंद्रों की स्थापना से संबंधित प्रयासों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा है और आज यह वैश्विक स्वास्थ्य और चेतना का एक साझा मंच बन चुका है। संगठन ने उज्जैन में वर्ष 2027 में यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल द्वारा एक सम्मेलन आयोजित करने की योजना की जानकारी दी। यह सम्मेलन कालिदास अकादमी में प्रस्तावित है और इसके लिए विभिन्न देशों से योग, ध्यान और चेतना के विशेषज्ञों के शामिल होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री यादव ने इस पहल के प्रति सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य योग, आध्यात्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने वाले प्रयासों का समर्थन करने पर विचार करेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री यादव ने डी-रीस्किंग द ग्रीन लीप, सब नेशनल ब्लू प्रिंट फॉर यूटिलिटी स्केल एनर्जी ट्रांजीशन विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य की ऊर्जा यात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा की केंद्रीय भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा मध्य प्रदेश के समावेशी और टिकाऊ विकास का आधार है। राज्य स्वच्छ, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता से प्रेरित होकर मध्य प्रदेश ने हरित ऊर्जा को विकास की मुख्य धारा में शामिल किया है।
अन्तर्राज्यीय सहयोग और बेहतर समन्वय से राज्य में बिजली और जल आपूर्ति में स्थिरता आई है, जिससे आम उपभोक्ता और उद्योग दोनों को लाभ मिला है। राउंड टेबल मीटिंग के समापन सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी के हरित ऊर्जा विजन को साझा किया।
उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नीति स्थिरता के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह उपभोक्ताओं और ऊर्जा क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। मध्य प्रदेश की सौर ऊर्जा से संबंधित उपलब्धियों को वैश्विक स्तर पर साझा किया जा सकता है। उन्होंने श्रम, भूमि और ऊर्जा के बेहतर समन्वय से स्वच्छ ऊर्जा में जोखिम कम करने के मध्य प्रदेश मॉडल को उल्लेखनीय बताया और प्रौद्योगिकी निवेश तथा ब्लेंडेड फाइनेंस पर जोर दिया।