क्या मध्य प्रदेश पुलिस ने गुम हुए 45 बच्चों, महिलाओं और वृद्धों को परिजनों से मिलाने में सफलता पाई?

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क्या मध्य प्रदेश पुलिस ने गुम हुए 45 बच्चों, महिलाओं और वृद्धों को परिजनों से मिलाने में सफलता पाई?

सारांश

मध्य प्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने 45 गुम हुए बच्चों और वृद्धों को उनके परिजनों से मिलाने में सफलता पाई है। यह घटना पुलिस की तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाती है। जानें इस अद्भुत पहल के बारे में और कैसे पुलिस ने इन गुमशुदा लोगों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की।

Key Takeaways

  • मध्य प्रदेश पुलिस ने 45 गुम हुए व्यक्तियों को खोजा।
  • पुलिस की तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण।
  • 'चक्षु अभियान' के तहत भीड़भाड़ में सुरक्षा।
  • पुलिस ने पहचान सत्यापन के बाद परिजनों से मिलाया।
  • सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता।

भोपाल, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश पुलिस ने पिछले सात दिनों में डायल-112, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और फील्ड टीमों की त्वरित कार्रवाई से प्रदेशभर में गुम हुए 45 बालक-बालिकाओं, महिलाओं व वृद्धजनों को सुरक्षित परिजनों से मिलाया है। ये घटनाएं पुलिस की संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता और जनसेवा प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण हैं।

छतरपुर जिले के थाना नौगांव क्षेत्र के मेला ग्राउंड में संचालित 'चक्षु अभियान' के तहत पुलिस टीम ने भीड़भाड़ और संवेदनशील परिस्थितियों में सतत निगरानी करते हुए उत्कृष्ट कार्य किया। मेला परिसर में लगाए गए हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग एवं फील्ड ड्यूटी समन्वय के कारण 18 बालिकाएं एवं 17 बालक सहित कुल 35 बच्चे सुरक्षित दस्तयाब किए। पुलिसकर्मियों ने न केवल बच्चों को भीड़ से सुरक्षित निकाला, बल्कि तुरंत पहचान सत्यापन कर परिजनों से मिलाया।

उज्जैन जिले में तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों ने अत्यंत संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण से कार्य करते हुए भटके हुए बच्चों को सुरक्षित प्राप्त किया है। थाना चिमनगंज में मंदिर दर्शन के दौरान गुम हुए 7 वर्षीय बालक को डायल-112 ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से शीघ्र खोज निकाला। थाना माधवनगर पुलिस ने लापता 13 वर्षीय नाबालिग बालक को रामघाट क्षेत्र से सीसीटीवी फुटेज की सहायता से सुरक्षित ढूंढ निकाला। इसी तरह थाना नानाखेड़ा क्षेत्र में खेलते-खेलते रास्ता भटकी 2 वर्षीय मासूम बालिका को भी पुलिस ने गलियों, दुकानों और कैमरों की जांच के आधार पर खोजकर सुरक्षित परिजनों से मिलाया। इस प्रकार उज्जैन पुलिस ने अलग-अलग कार्यवाहियों में 3 बालक-बालिकाओं को खोजकर परिजनों के सुपुर्द किया।

रतलाम जिले के थाना रावटी में मेले के दौरान भीड़ में गुम हुए 8 वर्षीय बालक को पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी, स्टॉल व प्रवेश-द्वारों पर सक्रिय निगरानी और नागरिकों से पूछताछ के आधार पर तुरंत खोज निकाला। साथ ही थाना नामली क्षेत्र में रास्ता भटकी 50 वर्षीय महिला को पुलिस ने सुरक्षित परिजनों से मिलवाया।

सीहोर के थाना कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी और अपहरण की जानकारी मिलते ही गंभीरता से जांच प्रारंभ की। स्थानीय सूचना स्रोत, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और फील्ड नेटवर्क की सहायता से दो अपहृत बालकों को दस्तयाब किया है। दोनों बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद परिजनों को सुपुर्द किया गया।

जबलपुर के थाना शहपुरा क्षेत्र में 5 वर्षीय बालक खेलते-खेलते घर से दूर निकलकर रास्ता भटक गया। सूचना मिलते ही डायल-112 ने आसपास के क्षेत्र में नागरिकों से पूछताछ की और कुछ ही देर में बालक को सुरक्षित ढूंढ निकाला।

शाजापुर जिले के थाना शुजालपुर मंडी क्षेत्र में 7 वर्षीय बालिका खेलते-खेलते घर से भटक गई थी। सूचना मिलते ही डायल-112 के जवानों ने आसपास के क्षेत्रों में तलाश कर बालिका को सुरक्षित ढूंढ निकाला। तत्परता का परिचय देते हुए पुलिस टीम ने बालिका को उसके परिजनों से मिलाया।

खरगोन जिले के थाना भीकनगांव में 70 वर्षीय वृद्ध महिला रास्ता भटक गई थी। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित वाहन में बैठाकर घर तक छोड़ा और परिजनों को स्थिति समझाई। इन सभी कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश पुलिस त्वरित प्रतिक्रिया, तकनीक के प्रभावी उपयोग और मानवीय संवेदनशीलता के साथ नागरिकों—विशेषकर बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों—की सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

Point of View

बल्कि उनकी सामुदायिक सेवा में भी गहरी संवेदनशीलता है। यह पहल सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और मानवीय दृष्टिकोण के सम्मिलन का एक अद्भुत उदाहरण है।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

मध्य प्रदेश पुलिस ने कितने गुम हुए व्यक्तियों को खोजा?
मध्य प्रदेश पुलिस ने पिछले सात दिनों में 45 गुम हुए बच्चों, महिलाओं और वृद्धों को खोजा।
पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों को कैसे खोजा?
पुलिस ने डायल-112, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और फील्ड टीमों की त्वरित कार्रवाई से गुमशुदा व्यक्तियों को खोजा।
यह पहल किस अभियान के अंतर्गत आई?
यह पहल 'चक्षु अभियान' के अंतर्गत आई, जिसमें पुलिस ने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी रखी।
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