प्रथा राठौड़ ने जीता स्वर्ण, प्रार्थना सेन को रजत — 24वीं कुमार सुरेंद्र सिंह शूटिंग चैंपियनशिप में MP अकादमी का दबदबा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की निशानेबाज प्रथा राठौड़ ने 14 मई 2026 को भोपाल में आयोजित 24वीं कुमार सुरेंद्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप 2026 की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा में यूथ महिला वर्ग का स्वर्ण पदक जीता। अकादमी की ही खिलाड़ी प्रार्थना सेन ने यूथ वर्ग में रजत पदक हासिल कर मध्य प्रदेश की झोली में दो पदक डाले।
मुख्य प्रदर्शन
प्रथा राठौड़ का प्रदर्शन इस प्रतियोगिता में बहुआयामी रहा — उन्होंने यूथ महिला वर्ग में स्वर्ण पदक और जूनियर वर्ग में रजत पदक अर्जित किया। सीनियर वर्ग में उन्होंने छठा स्थान प्राप्त किया, जो तीनों वर्गों में एक साथ प्रतिस्पर्धा करने की उनकी असाधारण क्षमता को दर्शाता है।
प्रार्थना सेन ने यूथ वर्ग में रजत पदक जीता और जूनियर वर्ग में पाँचवाँ स्थान हासिल किया। विशेषज्ञों के अनुसार, उनकी निरंतरता और मानसिक एकाग्रता उन्हें आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है।
प्रतियोगिता का स्वरूप
खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश शासन के अंतर्गत संचालित इस अकादमी में आयोजित यह चैंपियनशिप राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है। इसमें मध्य प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न राज्यों, रेलवे, सेना और अन्य संस्थानों की महिला निशानेबाजों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा तकनीकी रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण शूटिंग विधाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें खड़े, घुटने टेककर और लेटकर — तीनों स्थितियों में सटीक निशानेबाजी करनी होती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने समस्त पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। सारंग ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में प्रदेश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी नई उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।
अकादमी की भूमिका
म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, वैज्ञानिक कोचिंग और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराती है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में युवाओं के बीच शूटिंग खेल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और ओलंपिक के लिए भारतीय निशानेबाजी का आधार मजबूत हो रहा है।
आगे की राह
इस प्रदर्शन के बाद प्रथा राठौड़ और प्रार्थना सेन दोनों राष्ट्रीय चयन प्रक्रियाओं में मजबूत दावेदार के रूप में उभरी हैं। अकादमी के प्रशिक्षकों के अनुसार, इस तरह की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ खिलाड़ियों को बड़े मंचों के लिए तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं।