मध्य पूर्व में सीबीएसई छात्रों के लिए शिक्षा मंत्रालय का महत्वपूर्ण निर्णय

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मध्य पूर्व में सीबीएसई छात्रों के लिए शिक्षा मंत्रालय का महत्वपूर्ण निर्णय

सारांश

शिक्षा मंत्रालय ने ईरान-इजरायल युद्ध के चलते मध्य पूर्व में सीबीएसई छात्रों की परीक्षाओं पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने का संकेत दिया है। जानें पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • मध्य पूर्व में सीबीएसई छात्रों की परीक्षाएं रद्द हुईं।
  • कक्षा 12 की परीक्षाएं स्थगित की गईं।
  • सीबीएसई के 200 से अधिक विद्यालय हैं।
  • लगभग 3 लाख विद्यार्थी सीबीएसई विद्यालयों में हैं।
  • शिक्षा मंत्रालय जल्द ही महत्वपूर्ण निर्णय ले सकता है।

नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण मध्य पूर्व में निवास करने वाले भारतीय छात्रों की शिक्षा और परीक्षा पर प्रभाव न पड़े, इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय शीघ्र ही एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाला है।

वास्तव में, बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में सीबीएसई से जुड़े विद्यालयों का एक बड़ा जाल फैला हुआ है। इन मध्य पूर्व देशों में सीबीएसई से संबंधित 200 से अधिक स्कूल और 2 लाख से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यहां के 10वीं कक्षा के छात्रों की कई बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं, और 12वीं के छात्रों के लिए शनिवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा।

सीबीएसई ने मध्य पूर्व में हो रही घटनाओं को देखते हुए कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित एक बड़ा निर्णय लिया है। बोर्ड ने बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में अपने संबद्ध विद्यालयों को विस्तृत निर्देश भेजे हैं।

बोर्ड ने बताया है कि इन क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की गंभीर समीक्षा के बाद 7 मार्च से 11 मार्च के बीच होने वाली कक्षा 10 की सभी परीक्षाएं पूर्ण रूप से रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा, 2 मार्च, 5 मार्च और 6 मार्च को जो परीक्षाएं स्थगित की गई थीं, वे भी रद्द हो गई हैं। इसका मतलब है कि अब इन सभी तिथियों पर कोई परीक्षा आयोजित नहीं होगी।

10वीं के विद्यार्थियों के परिणाम किस आधार पर और किस प्रकार घोषित किए जाएंगे, इस पर बोर्ड और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय विचार-विमर्श करेंगे। हालांकि, कक्षा 12 की परीक्षाओं के मामले में बोर्ड ने अभी तक एक अलग प्रक्रिया अपनाई है।

7 मार्च को निर्धारित कक्षा 12 की परीक्षा को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इसकी नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी। बोर्ड ने यह भी कहा है कि 7 मार्च को स्थिति की पुनः समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद 9 मार्च से आगे होने वाली परीक्षाओं के बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

इन सातों देशों में लगभग 150 से अधिक सीबीएसई से संबंधित विद्यालय संचालित हो रहे हैं। सबसे अधिक विद्यालय संयुक्त अरब अमीरात में हैं, जहां 80 से 100 के बीच स्कूल सीबीएसई से जुड़े हुए हैं। इसके बाद सऊदी अरब में लगभग 40 से अधिक विद्यालय हैं।

ओमान में करीब 21, कुवैत में लगभग 19 और कतर में लगभग 15 से 20 विद्यालय सीबीएसई से संबद्ध हैं। बहरीन में इनकी संख्या लगभग 3 से 8 के बीच है। वहीं, ईरान में भी सीबीएसई विद्यालय कार्यरत हैं। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी काफी बड़ी है।

मध्य पूर्व के देशों में कुल मिलाकर लगभग 3 लाख विद्यार्थी इन स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक छात्र संयुक्त अरब अमीरात में हैं, जबकि सऊदी अरब में यह संख्या लगभग 80,000 है।

इन सातों देशों में सीबीएसई के विद्यालय और विद्यार्थियों की संख्या एक बड़ा शैक्षिक तंत्र बनाती है। यह तंत्र विशेष रूप से यहां निवास करने वाले भारतीय प्रवासी परिवारों के बच्चों को भारतीय पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा प्रदान करता है।

Point of View

यह निर्णय भारतीय छात्रों की शिक्षा और परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्णय शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी को दर्शाता है, जो कि छात्रों के हित में है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

मध्य पूर्व में सीबीएसई छात्रों की परीक्षाएं कब रद्द हुईं?
7 मार्च से 11 मार्च के बीच होने वाली कक्षा 10 की सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
कक्षा 12 की परीक्षाओं की स्थिति क्या है?
कक्षा 12 की परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
मध्य पूर्व में सीबीएसई से कितने विद्यालय हैं?
मध्य पूर्व में लगभग 150 से अधिक सीबीएसई से संबंधित विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
कितने विद्यार्थी सीबीएसई विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं?
लगभग 3 लाख विद्यार्थी सीबीएसई विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
सीबीएसई छात्रों के परिणाम कैसे घोषित किए जाएंगे?
बोर्ड और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय मिलकर परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया पर विचार कर रहे हैं।
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