क्या महादेवी हथिनी विवाद में महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी?

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क्या महादेवी हथिनी विवाद में महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी?

सारांश

महाराष्ट्र सरकार नंदनी मठ को महादेवी हथिनी को वापस लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में मठ के साथ सहयोग की पुष्टि की। जानिए इस विवाद में क्या नया हो रहा है।

Key Takeaways

  • महादेवी हथिनी को वापस लाने के लिए राज्य सरकार का समर्थन।
  • सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी।
  • नंदनी मठ और स्थानीय लोगों की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा।
  • हथिनी की देखभाल के लिए एक विशेष टीम का गठन।
  • नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का वादा।

मुंबई, 5 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में नंदनी मठ को माधुरी उर्फ महादेवी हथिनी को पुनः लाने के लिए राज्य सरकार ने समर्थन किया है। राज्य सरकार इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस मामले में सरकार, मठ के साथ है और उसे वापस लाने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में मठ के साथ है और सरकार भी अलग से पुनर्विचार याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्थिति रखेगी।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय के कैबिनेट हॉल में माधुरी हथिनी के मुद्दे पर बैठक हुई। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, वन मंत्री गणेश नाइक, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, जनस्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर, नंदनी मठ के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नंदनी मठ की परंपराओं और स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया के जरिए माधुरी हथिनी को वापस लाने की कोशिश की जाएगी। पिछले 34 साल से माधुरी मठ में है और जनता चाहती है कि वह वापस आए। इसके लिए राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करेगी और मठ को भी अपनी याचिका में सरकार को शामिल करना चाहिए। वन विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत पक्ष रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसमें उच्च-स्तरीय समिति और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के सुझावों को लागू किया जाएगा। हथिनी की देखभाल के लिए डॉक्टरों सहित एक टीम बनाई जाएगी और जरूरी सहायता दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू सेंटर जैसी व्यवस्था भी की जाएगी। सरकार इस याचिका में एक स्वतंत्र समिति गठित करने का अनुरोध भी करेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस मामले में नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे।

वहीं, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि वन विभाग को महाराष्ट्र से बाहर ले जाए गए सभी हाथियों की जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए।

इस अवसर पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार को नागरिकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए माधुरी हथिनी को वापस लाने की पहल करनी चाहिए।

Point of View

बल्कि यह महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय समुदायों की भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। एक जिम्मेदार सरकार को इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

महादेवी हथिनी का मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला न केवल जानवरों के अधिकारों से जुड़ा है, बल्कि यह स्थानीय समुदायों की भावनाओं और संस्कृति से भी संबंधित है।
राज्य सरकार किस प्रकार की याचिका दायर करेगी?
राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करेगी, जिसमें नंदनी मठ और स्थानीय लोगों की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा।
क्या इस मामले में कोई समिति बनाई जाएगी?
जी हां, सरकार एक स्वतंत्र समिति गठित करने का अनुरोध करेगी, जो मामले की देखरेख करेगी।
क्या नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे?
मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस मामले में नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे।
क्या हथिनी की देखभाल के लिए कोई विशेष व्यवस्था की जाएगी?
हां, हथिनी की देखभाल के लिए डॉक्टरों की एक टीम बनाई जाएगी और आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
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