अजित पवार की जयंती 22 जुलाई को होगी सरकारी, महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया आधिकारिक सर्कुलर
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने 15 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी कर स्वर्गीय अजित अनंतराव पवार की जयंती को राज्य के सरकारी जयंती कार्यक्रमों की सूची में शामिल कर लिया है। अब हर वर्ष 22 जुलाई को उनकी जयंती मंत्रालय, सरकारी एवं अर्ध-सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में आधिकारिक रूप से मनाई जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी इस परिपत्र के साथ राज्य ने अजितदादा की सार्वजनिक सेवा और महाराष्ट्र के विकास में उनके योगदान को औपचारिक मान्यता दी है।
मांग से मंजूरी तक का घटनाक्रम
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता एवं खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखित ज्ञापन सौंपा था। इस ज्ञापन में दिवंगत अजितदादा पवार की 22 जुलाई को मनाई जाने वाली जयंती को महाराष्ट्र के शासकीय कार्यालयों में आयोजित राष्ट्रपुरुषों एवं महान विभूतियों की जयंती कार्यक्रमों की आधिकारिक सूची में जोड़ने की माँग की गई थी। अगले ही दिन बुधवार को सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संदर्भ में आधिकारिक परिपत्र जारी कर दिया।
सर्कुलर में क्या है
परिपत्र के अनुसार, स्वर्गीय अजित अनंतराव पवार की जयंती पूरे महाराष्ट्र में 22 जुलाई 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी। इस अवसर पर मंत्रालय सहित राज्य के समस्त सरकारी एवं अर्ध-सरकारी कार्यालयों में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके साथ ही सभी स्कूलों और कॉलेजों में भी जयंती समारोह आयोजित किए जाएंगे।
प्रशासनिक निर्देश
संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस कार्यक्रम की समुचित योजना बनाएँ और उसे प्रभावी ढंग से लागू करें। गौरतलब है कि सभी सरकारी एवं अर्ध-सरकारी कार्यालयों को वर्ष 2026 के राष्ट्रपुरुषों एवं महान विभूतियों की जयंती तथा राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में 29 दिसंबर 2025 और 31 दिसंबर 2025 के सरकारी राजपत्र में दिए गए निर्देशों की जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी। स्वर्गीय अजित अनंतराव पवार को वर्ष 2026 के इसी कार्यक्रम सूची में नए सिरे से शामिल किया गया है।
राजनीतिक एवं सामाजिक महत्व
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में NCP की भूमिका और राज्य सरकार में उसके सहयोगी दलों के बीच समन्वय चर्चा में है। अजितदादा पवार को महाराष्ट्र के जल संसाधन, सिंचाई और ग्रामीण विकास क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए स्मरण किया जाता है। उनकी जयंती को सरकारी दर्जा मिलना उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक भावनात्मक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह आयोजन राज्यभर में नियमित सरकारी कार्यक्रम के रूप में स्थापित होगा।