क्या महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भाजपा और एआईएमआईएम में कोई फर्क नहीं है?
सारांश
Key Takeaways
- नाना पटोले का आरोप है कि भाजपा और एआईएमआईएम एक समान हैं।
- कांग्रेस 29 महानगर पालिका चुनाव में मजबूत स्थिति में है।
- महायुति भ्रष्टाचार का आरोप झेल रही है।
- राजनीति में विचारधारा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
- ठाकरे ब्रदर्स का एक साथ आना भी चर्चा का विषय है।
नागपुर, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने रविवार को महायुति सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि महानगर पालिका चुनाव में भाजपा और एआईएमआईएम के एक साथ आने की खबरें दर्शाती हैं कि ये दोनों दल एक ही हैं।
नाना पटोले ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "कांग्रेस का स्थानीय नेतृत्व हर जगह स्वयं के तरीके से काम कर रहा है। कांग्रेस 29 महानगर पालिका के चुनाव में अपनी पूरी ताकत से उतरी है। हमने कहीं भी अवैध गठबंधन नहीं किया है। भाजपा ने एआईएमआईएम से गठबंधन किया है। अब जनता के सामने भाजपा का असली चेहरा उजागर हो रहा है। पहले हम आरोप लगाते थे कि एआईएमआईएम, भाजपा की 'बी' टीम है, लेकिन अब दोनों दल एक-साथ हैं, जिससे यह साफ है कि उनमें कोई अंतर नहीं है।"
उन्होंने यह भी कहा, "कांग्रेस विचारधारा के साथ चुनाव लड़ रही है। जब कोई पार्टी विचारधारा के साथ चुनाव लड़ती है, तो यह कहा जा सकता है कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन हार नहीं सकती।"
पटोले ने मंत्री नितेश राणे के कुरान पढ़ने के लिए पाकिस्तान जाने के बयान पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "नितेश राणे को मंथन करना चाहिए। यह स्पष्ट हो गया है कि वे हिंदू-मुस्लिम केवल राजनीति के लिए करते हैं।"
पटोले ने ठाकरे ब्रदर्स के एक साथ आने और गठबंधन में चुनाव लड़ने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "अगर दो भाई एक साथ आते हैं या चाचा-भतीजा एक साथ आते हैं, जैसा कि हमने महाराष्ट्र में देखा है, जहां शरद पवार और अजित पवार एक साथ आए, तो हमने इसका विरोध नहीं किया। अगर दोनों ठाकरे भाई एक साथ आते हैं, तो हमें इससे भी कोई आपत्ति नहीं है।"
उन्होंने कहा, "महायुति भ्रष्टाचार से अर्जित धन का दुरुपयोग कर रही है। कुछ उम्मीदवारों पर दबाव भी डाला गया है। महाराष्ट्र में चुनाव के दौरान हिंसा हुई है, जिससे लोगों की जानें गईं। महायुति लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। चुनाव आयोग उनके लिए एक खिलौना बन गया है। उनके मंत्री भी कहते हैं कि हिसाब कैसे देना है, यह हमें पता है।"