महाराष्ट्र पुलिस के लिए हेलमेट पहनना अब अनिवार्य, डीजीपी का नया आदेश
सारांश
Key Takeaways
- हेलमेट पहनना अब पुलिस के लिए अनिवार्य है।
- आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
- पुलिस का पालन नागरिकों को भी प्रेरित करेगा।
मुंबई, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में राज्य के सभी पुलिस आयुक्तालयों और जिला पुलिस इकाइयों को कठोर निर्देश जारी किए गए हैं।
यह निर्णय हाल ही में नागपुर में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया, जहां डीजीपी ने कहा कि अगर कानून लागू करने वाली पुलिस स्वयं नियमों का पालन नहीं करती है, तो नागरिकों में जागरूकता लाना संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग द्वारा किए गए अध्ययन से पता चला है कि पिछले दस वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए लोगों में ३५ से ४० प्रतिशत दोपहिया चालक शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हेलमेट का सही उपयोग सिर की गंभीर चोटों और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। फिर भी, राज्य के अधिकांश जिलों में हेलमेट पहनने की आदत अभी भी कमजोर है।
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई और नागपुर जैसे बड़े शहरों में ८० प्रतिशत से अधिक दोपहिया चालक हेलमेट पहनते हैं, जबकि अन्य जिलों में यह आंकड़ा २० प्रतिशत से भी कम है। नए आदेश के तहत, ड्यूटी के दौरान यदि कोई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो उस पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा १९४(डी) के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। यदि किसी पुलिसकर्मी की बिना हेलमेट की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आती है, तो इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उसकी सेवा पुस्तिका में दर्ज किया जाएगा, जिससे उसके करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
डीजीपी कार्यालय ने सभी इकाइयों को निर्देशित किया है कि वे इस आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करें और अनुपालन रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्यालय को भेजें। पुलिस विभाग का यह निर्णय सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जब पुलिस स्वयं नियमों का पालन करेगी, तो आम जनता भी हेलमेट पहनने के प्रति अधिक जागरूक होगी।