राजनाथ सिंह ने उन्नत कृषि महोत्सव का उद्घाटन करते हुए किसानों की अहमियत को रेखांकित किया
सारांश
Key Takeaways
- किसानों की भूमिका: किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
- सरकारी योजनाएँ: किसानों को सीधा लाभ पहुँचाने वाली योजनाएँ।
- आधुनिक तकनीक: ड्रोन और सेंसर का उपयोग खेती में।
- जैविक खेती: सेना के कैंटोनमेंट से जैविक उत्पादों की खरीद।
- कृषि मेला: ज्ञान और विज्ञान का संगम।
रायसेन, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दशहरा मैदान में शनिवार को उन्नत कृषि महोत्सव 2026 का आयोजन बड़े उत्साह के साथ शुरू हुआ। यह महोत्सव 11 से 13 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से किसान, कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं। पहले दिन ही कार्यक्रम में भारी भीड़ देखी गई और किसानों में उत्साह की लहर थी।
शनिवार को दोपहर करीब 12:30 बजे इस महोत्सव में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। मंच पर आते ही उनका भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों के हित में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमेशा यह मानना रहा है कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि किसान मजबूत होगा, तो देश भी ताकतवर होगा।
उन्हें ने बताया कि सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर वर्ष किसानों के बैंक खातों में 6-6 हजार रुपये सीधे भेजे जा रहे हैं। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है।
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी उल्लेख किया, जो किसानों के लिए एक बड़ी राहत प्रदान करती है। प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से फसल खराब होने पर सरकार भरपाई करती है।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि सरकार ने केवल योजनाएँ नहीं बनाई हैं, बल्कि गांव-गांव तक सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएँ भी पहुँचाई हैं। मंडियों को ऑनलाइन किया गया है, जिससे किसान अपनी उपज को देश के किसी भी कोने में बेच सकते हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को भी मजबूत किया गया है ताकि किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके।
उन्होंने बताया कि अब सेना के कैंटोनमेंट क्षेत्रों के आसपास के किसानों से जैविक उपज जैसे फल और सब्जियाँ खरीदी जा रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और जैविक खेती के लिए प्रोत्साहन मिला है। इसके अलावा, मिलेट्स जैसे ज्वार, बाजरा और रागी को भी सेना के भोजन में शामिल किया जा रहा है, जिससे किसानों को नया बाजार मिल रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्न नहीं उपजाते, बल्कि वे पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। किसान रोजगार, उद्योग और सेवाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि आज भारतीय युवा हर क्षेत्र में उभर रहे हैं। तकनीक और नवाचार में उनका योगदान सराहनीय है। यदि युवा कृषि क्षेत्र से जुड़ें, तो खेती को और आधुनिक बनाया जा सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि ड्रोन, सेंसर और मोबाइल तकनीक का उपयोग करके खेती को स्मार्ट एग्रीकल्चर में परिवर्तित किया जा सकता है। इससे उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी सुधार होगा।
इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रायसेन का यह कृषि मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं है, बल्कि किसानों के लिए ज्ञान की पाठशाला है। यहाँ ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और किसानों का संगम दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि इस मेले में देशभर से कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं। यहाँ हॉर्टिकल्चर, इंटीग्रेटेड फार्मिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी और आधुनिक खेती के तरीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यहाँ केवल भाषण नहीं होते, बल्कि पहले वैज्ञानिक अपनी रिसर्च प्रस्तुत करते हैं और फिर किसान उनसे सीधे सवाल पूछ सकते हैं। इससे किसानों को व्यवहारिक जानकारी मिलती है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हर राज्य के लिए अलग-अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती को बेहतर बनाया जा सके। इसी संदर्भ में विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि योजनाएँ बनाई गई हैं। किसानों से अपील की गई कि वे इस महोत्सव में अवश्य आएं और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ उठाएं।
यह महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा और अंतिम दिन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी इसमें शामिल होंगे।