नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, भावुक संदेश साझा किया
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया।
- राज्य में विकास कार्यों पर जोर दिया गया।
- नई सरकार को सहयोग देने का आश्वासन दिया।
- सात निश्चय-3 योजना का गठन किया गया।
- बिहार के विकास में केंद्र का सहयोग महत्वपूर्ण है।
पटना, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर अपने पद से त्यागपत्र दिया और उसके बाद लोक भवन से बाहर निकले। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के लिए एक भावुक संदेश भी साझा किया।
नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, "आप सभी को यह याद होगा कि 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी। तब से राज्य में कानून का राज है और हमने लगातार विकास की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हमारी सरकार ने हर वर्ग का विकास किया है, चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो या महादलित – सभी के लिए काम किया गया है। हर क्षेत्र में विकास हुआ है, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कें, बिजली और कृषि। महिलाओं और युवाओं के लिए भी कई योजनाएं लागू की गई हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हाल ही में हमने काम को और तेज किया है। अगले पांच वर्षों के लिए सात निश्चय-3 की योजना बनाई गई है। इससे बिहार और तेजी से विकसित होगा। इसके लिए केंद्र सरकार का भी समर्थन मिल रहा है, जिसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता हूँ। बिहार निश्चित रूप से देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो जाएगा और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
उन्होंने कहा, "हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है। हमने लगातार लोगों की सेवा की है। मैं पहले ही तय कर चुका था कि अब मैं मुख्यमंत्री का पद छोड़ दूंगा। इसलिए मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। अब नई सरकार यहां के कार्यों को संभालेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन रहेगा। आगे भी हम बहुत अच्छे काम करेंगे और बिहार प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा। सभी को धन्यवाद और शुभकामनाएं।"