वाशिम के रिसोड में चंदन चोरी का भंडाफोड़: ₹27,000 के 9 किलो चंदन सहित 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के वाशिम जिले के रिसोड में स्थानीय अपराध शाखा ने चंदन चोरी के दो अलग-अलग मामलों का खुलासा करते हुए 12 अक्टूबर 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 किलो वजनी चंदन के 16 छोटे-बड़े टुकड़े बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹27,000 बताई जा रही है। तीनों आरोपी रिसोड के ही निवासी हैं और उन्होंने पूछताछ में दोनों चोरी की वारदातों को कबूल कर लिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
24 सितंबर 2026 को शिकायतकर्ता गजानन नागाप्पा मालेकर की शिकायत पर रिसोड पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 889/2026 और 934/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के अंतर्गत दो मामले दर्ज किए गए थे। उस समय आरोपी अज्ञात थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निकेश खाटमोडे-पाटील ने स्थानीय अपराध शाखा को अज्ञात आरोपियों की पहचान करने और गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
जांच और गिरफ्तारी
तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को रिसोड से ही हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलमान खान, अजीज खान, शेख चंदन शेर, नूर मोहम्मद और अब्दुल रहीम अब्दुल रज्जाक के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान तीनों ने दोनों चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
बरामद चंदन की लकड़ी को जब्त कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच रिसोड पुलिस स्टेशन द्वारा की जा रही है।
पुलिस टीम की भूमिका
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक निकेश खाटमोडे-पाटील, अपर पुलिस अधीक्षक लता फड़ और उपविभागीय पुलिस अधिकारी रामकृष्ण पवार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। पुलिस निरीक्षक सुधाकर आढे के नेतृत्व में सपोनि योगेश धोत्रे, पोहेका गजानन झगरे, आशिष बिडवे, ज्ञानदेव मात्रे, पोअं अमोल इरतकर, दिपक घुगे और चालक सुनील तायडे की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की।
आगे की कार्रवाई
चंदन की लकड़ी एक नियंत्रित वन संपदा है और इसकी अवैध कटाई व तस्करी महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में एक गंभीर समस्या बनी हुई है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वन विभाग और पुलिस मिलकर चंदन तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और यह देखा जाएगा कि क्या इन आरोपियों का संबंध किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से है।