महिला आरक्षण विधेयक पर प्रीति झंगियानी का बयान, महिलाओं की भागीदारी से होगा सकारात्मक बदलाव
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना ऐतिहासिक कदम है।
- महिलाओं की भागीदारी से राजनीतिक और सामाजिक बदलाव संभव हैं।
- प्रीति झंगियानी एनजीओ चला रही हैं और समाज सेवा में सक्रिय हैं।
मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मोहब्बतें, उदयपुर फाइल्स और आवारा पागल दीवाना जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुकीं अभिनेत्री प्रीति झंगियानी अब फिल्मी उद्योग से बाहर आकर एक स्पोर्ट फेडरेशन का संचालन कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में सरकार का आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि महिलाओं की भागीदारी से देश में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे।
महिला आरक्षण विधेयक पर प्रीति झंगियानी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से चर्चा में कहा, "अंततः महिला आरक्षण विधेयक पारित हो रहा है। मुझे लगता है कि सभी ने इसके लिए 27 वर्षों का लंबा इंतजार किया है, क्योंकि यह पहली बार 1996 में प्रस्तुत किया गया था। यह केवल एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। इस विधेयक के पारित होने से ऐसा लगता है कि महिलाओं को अपने विचार और निर्णय रखने का अधिकार मिल गया है। यह विधेयक उन सभी महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, जिन्होंने इसके लिए संघर्ष किया है।"
प्रीति ने आगे कहा, "इस विधेयक के लागू होने के बाद भारत के विकास पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। जिन देशों में महिलाओं की राजनीति और व्यवसाय में भागीदारी अधिक है, वे अन्य देशों की तुलना में तेजी से विकसित हो रहे हैं। वहां लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमारे देश में भी ग्राम पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से सकारात्मक परिवर्तन देखे जा रहे हैं, जिसका प्रभाव ग्रामीण शिक्षा से लेकर सड़क तक देखा जा सकता है। इसके लिए मैं अपनी सरकार का दिल से आभार प्रकट करती हूं, क्योंकि हमें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी और अब यह हो रहा है।"
भविष्य में राजनीति में शामिल होने के सवाल पर प्रीति ने कहा कि वे पहले से ही बिना राजनीति में आए समाज के लिए बहुत कुछ कर रही हैं। उन्होंने कहा, "मैं कुछ एनजीओ चलाती हूं और पिछड़े गांवों से खेल में करियर बनाने आए खिलाड़ियों की मदद करती हूं। लेकिन अगर कोई राजनीतिक पार्टी मुझसे संपर्क करती है, तो मैं इस पर अवश्य विचार करूंगी, क्योंकि मेरे लिए पहले मेरा देश है।"