नृपेंद्र मिश्रा के बयान पर अयोध्या के संतों की प्रतिक्रिया: मुलायम सिंह के आदेश की चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के 'कारसेवकों' पर दिए गए बयान पर अयोध्या के संतों ने अपनी राय व्यक्त की। हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा ने जो कहा, वह सही है, क्योंकि उच्च अधिकारी हमेशा मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश का मुखिया मुख्यमंत्री होता है, इसलिए उनके आदेश का पालन करना आवश्यक होता है। वर्तमान समय में सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ हैं। प्रदेश में हो रही सभी बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर के मामलों में उनसे भी सलाह ली जाती होगी। निहत्थे राम भक्तों पर गोली चलाने का निर्णय मुलायम सिंह यादव के आदेश पर हुआ था।
एक संत ने कहा कि प्रशासन का कोई व्यक्तिगत निर्णय नहीं होता। अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाने का अधिकार नृपेंद्र मिश्रा को नहीं था और न ही उनके निर्णय से गोली चली थी। यह सब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर हुआ था, जिन्होंने सार्वजनिक मंचों पर कहा था कि हमने गोली चलवाने का काम किया था।
संत ने आगे कहा कि नृपेंद्र मिश्रा ने कल्याण सिंह की सरकार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे सदैव भगवान राम के प्रति समर्पित रहे हैं। नृपेंद्र मिश्रा एक राम भक्त हैं और समाजवादी पार्टी तथा तुष्टिकरण की राजनीति के तहत उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
अयोध्या के एक अन्य संत ने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा पर लगातार आरोप लगते रहे हैं कि जब गोली चली, तब वे मुख्य सचिव थे। राजनीतिक दबाव के कारण भी प्रशासन निर्णय लेने के लिए मजबूर होता है। निहत्थे राम भक्तों पर गोली चलाना अत्यंत दुखद था।
अयोध्या के एक और संत ने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा ने जो कहा है, वह सही है। शासन-प्रशासन के कार्य हमेशा सरकार के आदेशों के अनुसार होते हैं। उस समय मुलायम सिंह यादव की सरकार थी, जिन्होंने आदेश दिया। हम उन सभी कारसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि भविष्य में किसी भी सरकार की ओर से निर्दोष लोगों पर ऐसी कार्रवाई न हो।