क्या महिलाएं पुरुषों से अधिक मजबूत होती हैं? विशाल भारद्वाज ने फरीदा जलाल को क्यों चुना?
सारांश
Key Takeaways
- महिलाएं पुरुषों से अधिक मजबूत होती हैं।
- विशाल भारद्वाज ने फरीदा जलाल को उनकी साहसिकता के लिए चुना।
- फिल्म 'ओ रोमियो' एक प्रेम कहानी है।
- सिनेमा समाज का आईना है।
- फिल्म में शाहिद कपूर के अलावा कई अन्य कलाकार भी हैं।
मुंबई, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता शाहिद कपूर एक बार फिर निर्देशक विशाल भारद्वाज के साथ नई फिल्म 'ओ रोमियो' में नजर आएंगे। इस फिल्म में शाहिद के साथ तृप्ति डिमरी और फरीदा जलाल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
हाल ही में, निर्देशक विशाल भारद्वाज ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि उन्होंने फरीदा जलाल को क्यों चुना। उन्होंने कहा, "मेरे ख्याल से महिलाएं पुरुषों से कहीं अधिक मजबूत होती हैं। जब पुरुषों को रोने की जरूरत होती है, तब उन्हें किसी का सहारा चाहिए होता है, जबकि महिलाएं अकेले ही सब कुछ संभाल लेती हैं।"
विशाल ने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए बताया, "मैंने अपने घर में ताई और दादी को देखा है। वे इतनी साहसी थीं कि मोहल्ले के लड़के रात में नीचे शोर मचाते थे, और जब ताई आती थीं, तो पूरी गैंग डर कर भाग जाती थी।"
विशाल ने आगे कहा कि शुरुआत में उन्होंने फरीदा से कहा था कि इस किरदार की भाषा थोड़ी अलग हो सकती है। उन्होंने बताया, "जब मैंने फरीदा को उनके किरदार की भाषा के बारे में बताया, तो उन्होंने बिना हिचकिचाहट इसे स्वीकार कर लिया। फिल्म की कहानी में शाहिद का किरदार ऐसा है जिससे सब डरते हैं, लेकिन उसकी दादी उसे सही रास्ते पर ले आती हैं। फरीदा जलाल ने इस भूमिका को पूरी सच्चाई और जोश के साथ निभाया है।"
उन्होंने फिल्म के बारे में कहा, "यह एक प्रेम कहानी है। लोग अक्सर गालियों और हिंसा पर सवाल उठाते हैं। हम समाज के तौर पर सड़कों पर गालियां सुनकर चुप रहते हैं, लेकिन सिनेमा में वही चीजें देखकर आपत्ति करते हैं। मुझे लगता है कि सिनेमा समाज का एक आईना है। यह हमें हमारी सच्चाई दिखाता है।"
फिल्म 'ओ रोमियो' जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म में शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी, और फरीदा जलाल के अलावा नाना पाटेकर, विक्रांत मैसी, तमन्ना भाटिया, अरुणा ईरानी, और अविनाश तिवारी जैसे कलाकार भी नजर आएंगे।